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Pita || papa status || father love || father shayari in hindi

Pita duniya ki vo hasti hai jiska hath dhoop me chav aur pani me nav ke smaan hai.💯

पिता दुनिया की वो हस्ती है जिसका हाथ धूप में छांव और पानी में नाव के समान है। 💯

Title: Pita || papa status || father love || father shayari in hindi

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mehnat || hindi poetry || मेहनत पर कविता

आज गया  ऐसे ही
कल भी चला जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

दुःख है आज जिंदगी मे तेरे
कल सुख भी पायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

साथी पहुंच जायेगे बहुत आगे 
तू पीछे ही रह जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

समय बितता जायेगा
तू सोचता ही रह जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

जिंदगी के सभी सपने
मेहनत से ही पुरे कर पायेगा 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

आज मेहनत करेगा तभी
कल मेहनत का  फल पायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

जब शरीर मे जान ही नही बचेगी
तब क्या मेहनत करेगा
आज गया  समय ऐसे ही
 कल तो तू ही चले जायेगा 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

जब कुछ नही कर पायेगा तो
किस्मत को जिम्मेवार ठहरायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

मेहनत कर ऐ इंसान तू अब
कब तक ऐसे बैठे रहेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

गरीब है अगर तू आज
कल अमीर बन जायेगा| 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

कब तक  परिवारवालो की
मेहनत की रोटी तू खायेगा
एक दिन तू जरूर पछतायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

मेहनत कर ऐ इंसान
तू आगे ही बढ़ता जायेगा
दुनिया के नजरों मे एक दिन  
सफल इंसान बन जायेगा|

अब सुन ऐ इंसान एक बात आज
जब तक नही निकालेगा अपने
अंदर के आलस को तू बाहर
तब तक मेहनत करने से
कतरायेगा तू हर बार|

कामयाब वही होते है
जो कुछ कर दिखाते है
वरना सोचता तो हर इंसान है|
सोच मे तो ऐ इंसान तू बैठे-बैठे
 बडे बडे सपने देख लेता है
 जब मेहनत करने समय आता है
 तो सपनो को  दो मिनट मे तोड़ देता है|
सपने ऐसे देख जिसको तू पूरा कर सके
ऐसे सपने ही क्यों देखने जिनको
पाने की तू हिम्मत ही न रख सके |

कितने आये जिंदगी मे
ओर कितने चले गये
नाम उनका ही रहा
जो कुछ करके दिखा गये|

वो सोचते थे जो भी 
उसको पूरा करके दिखाते थे
उनका मुँह नही  बोलता था
काम बोलके दिखाता था |

मेहनत करके ऐ इंसान
जब तू इस जिंदगी से जायेगा
तेरा नाम रहेगा इस दुनिया मे
ओर तू अमर कहलायेगा.

Title: Mehnat || hindi poetry || मेहनत पर कविता


Tuhade darshan to bina zindagi kive || urdu shayari

ہر دھڑکن تیرے نام پے نچتی ہے

ہر سانس تیرے کام سے بچتی ہے

تیری تصویر آنکھوں میں بسائے بیٹھا ہوں
تنہائی بھی تیرے ساتھ بھلا کیسے کٹتی ہے
چاند نے دیکھا تیرا رخ تو شرم سے پگھل گیا
**صبح نے چُرا لیا تیرا نور، تب جاگتی ہے
تیری زلفوں کے پیچ میں الجھی ہوئی ہیں راتیں
تیری پلکوں کے سائے میں سوتی ہے خاموشی
تیرا لمس ملے تو پتھر بھی مہک اٹھے
تیری آواز سنے تو دھڑکن تھم کر سوچتی ہے
اے میرے خوابوں کے اکیلے تاج محل
تُو نہ ہو تو شہر ویران، بستی بستی بجھتی ہے
دل کہتا ہے بس ایک بار نہ سہی، ادھر دیکھ
تیرے درشن بنا زندگی کتنی رُک رُک کر چلتی ہے

Title: Tuhade darshan to bina zindagi kive || urdu shayari