वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
Enjoy Every Movement of life!
वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
kise di salah naal raste ta jaroor mil jande han
lekin manzil khud di mehnat naal hi mildi hai
ਕਿਸੇ ਦੀ ਸਲਾਹ ਨਾਲ ਰਸਤੇ ਤਾ ਜਰੂਰ ਮਿਲ ਜਾਂਦੇ ਹਨ
ਲੇਕਿਨ ਮੰਜਿਲ ਖੁਦ ਦੀ ਮੇਹਨਤ ਨਾਲ ਹੀ ਮਿਲਦੇ ਹਨ.
