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Priy ki yaad

वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।

Title: Priy ki yaad

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Kiski dadhi ki aag || akbar birbal kahani

बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”

“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।

मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”

बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”

Title: Kiski dadhi ki aag || akbar birbal kahani


Shikwe nahi karde asi || sad Punjabi shayari || two line shayari

Galtiyan te gunah Tere vi kujh ghatt nahi
Oh vakhri gall e bhute shikwe nahi krde asi..!!

ਗਲਤੀਆਂ ਤੇ ਗੁਨਾਹ ਤੇਰੇ ਵੀ ਕੁਝ ਘੱਟ ਨਹੀਂ
ਉਹ ਵੱਖਰੀ ਗੱਲ ਏ ਬਹੁਤੇ ਸ਼ਿਕਵੇ ਨਹੀਂ ਕਰਦੇ ਅਸੀਂ..!!

Title: Shikwe nahi karde asi || sad Punjabi shayari || two line shayari