वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
Enjoy Every Movement of life!
वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
Everyday is a bank account, and time is our currency.
No one is rich, no one is poor, we’ve got 24 hours each
Its better to be lonely then to be played by wrong people.