वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
Enjoy Every Movement of life!
वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
ewe bahutiaa fikraa na kareya kar
dimaag ‘ch ni asi tainu dil ‘ch rakheyaa
ਐਵੇਂ ਬਹੁਤੀਆਂ ਫਿਕਰਾਂ ਨਾ ਕਰਿਆ ਕਰ,
ਦਿਮਾਗ ‘ਚ ਨੀਂ ਅਸੀਂ ਤੈਨੂੰ ਦਿਲ ‘ਚ ਰੱਖਿਆ…❤
ना तेरे लबों से छुई
ना मेरे माथे को लगी
अब के सावन भी प्यासी
तेरे मेरे इश्क़ की जमीं🍂।।