वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
Enjoy Every Movement of life!
वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
गमों से मुलाकात हमारी है,
दिल से हारे हैं हम,
दिल के आइने में,
तस्वीर तुम्हारी हैं।
Kaali raat kaala hanera aw
M teri tu mera aw❤️