वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
Enjoy Every Movement of life!
वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
safar si tere naal
waqt da kujh pata nai chaleyaa
lutt de rahe jide ton
ohda naa tak pataa nahi chaleyaa
ਸਫ਼ਰ ਸੀ ਤੇਰੇ ਨਾਲ
ਵਕ਼ਤ ਦਾ ਕੁਝ ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਚਲੀਆਂ
ਲੁਟ ਦੇ ਰਹੇ ਜਿਦੇ ਤੋਂ
ਓਹਦਾ ਨਾਂ ਤਕ ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਚਲੀਆਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
