वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
Enjoy Every Movement of life!
वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।

na koi kisi se door hota hai
na koi kisi ke kareeb hota hai
wo khud he chal ke aata hai
jo jiska nasib hota hai….😇
न कोई किसी से दूर होता है
न कोई किसी के करीब होता है
वो खुद ही चल के आता है
जो जिसका नसीब होता है 😇