वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
Chain vi Na aawe
Dil marda hi jawe
Kive vass ch mein kara Ehnu ditti hoyi dhil nu..!!
Gll sunda na meri
Khwahish rakhda e teri
Khaure ho ki gya e es pagl dil nu..!!
ਚੈਨ ਵੀ ਨਾ ਆਵੇ
ਦਿਲ ਮਰਦਾ ਹੀ ਜਾਵੇ
ਕਿਵੇਂ ਵੱਸ ‘ਚ ਮੈਂ ਕਰਾਂ ਇਹਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਹੋਈ ਢਿੱਲ ਨੂੰ..!!
ਗੱਲ ਸੁਣਦਾ ਨਾ ਮੇਰੀ
ਖਵਾਹਿਸ਼ ਰੱਖਦਾ ਏ ਤੇਰੀ
ਖੌਰੇ ਹੋ ਕੀ ਗਿਆ ਏ ਇਸ ਪਾਗਲ ਦਿਲ ਨੂੰ..!!
Yun to bheed kaafi huya karti thi, mehfil mein meri,
Fir mein sach bolta gya aur log uthte gaye..!💯
यूँ तो “भीड़” क़ाफी हुआ करती थी,”महफ़िल” में मेरी,
फिर मैं “सच” बोलता गया..और लोग “उठते” गए..!💯