वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
Kad aawegi khuaban vich
Akhan band kar sochan lagda
Tere ton kimti yaad teri
Jihnu parchawein vang naal rakhda
Kinni vari chaheya likhna naam tera
Par har wari jazbataan nu kaid rakhda 💔
ਕਦ ਆਵੇਗੀ ਖ਼ਾਬਾਂ ਵਿੱਚ
ਅੱਖਾਂ ਬੰਦ ਕਰ ਸੋਚਣ ਲੱਗਦਾ
ਤੇਰੇ ਤੋ ਕੀਮਤੀ ਯਾਦ ਤੇਰੀ
ਜਿਹਨੂੰ ਪਰਛਾਵੇਂ ਵਾਂਗ ਨਾਲ ਰੱਖਦਾ
ਕਿੰਨੀ ਵਾਰੀ ਚਾਹਿਆ ਲਿਖਣਾ ਨਾਮ ਤੇਰਾ
ਪਰ ਹਰ ਵਾਰੀ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਨੂੰ ਕੈਦ ਰੱਖਦਾ💔
raat kyu tu udaas hai
kush pal thehar fir subaah ki aas hai
रात क्यों तू उदास है
कुछ पल ठहर फिर सुबह की आस है