Pta nahi oh enna kyu staunde ne
Ik pal hasaunde te duje pal rawaunde ne..!!
ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਉਹ ਇੰਨਾ ਕਿਉਂ ਸਤਾਉਂਦੇ ਨੇ
ਇੱਕ ਪਲ ਹਸਾਉਂਦੇ ਤੇ ਦੂਜੇ ਪਲ ਰਵਾਉਂਦੇ ਨੇ..!!
Pta nahi oh enna kyu staunde ne
Ik pal hasaunde te duje pal rawaunde ne..!!
ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਉਹ ਇੰਨਾ ਕਿਉਂ ਸਤਾਉਂਦੇ ਨੇ
ਇੱਕ ਪਲ ਹਸਾਉਂਦੇ ਤੇ ਦੂਜੇ ਪਲ ਰਵਾਉਂਦੇ ਨੇ..!!
ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
मैं अब के साल परिंदों का दिन मनाऊँगा
मिरी क़रीब के जंगल से बात हो गई है
बिछड़ के तुझ से न ख़ुश रह सकूँगा सोचा था
तिरी जुदाई ही वज्ह-ए-नशात हो गई है
बदन में एक तरफ़ दिन तुलूअ’ मैं ने किया
बदन के दूसरे हिस्से में रात हो गई है
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
रहेगा याद मदीने से वापसी का सफ़र
मैं नज़्म लिखने लगा था कि ना’त हो गई है
एक शक्स यूं मुस्कुराए बैठा है,,
जैसे अपनी हंसी के पीछे बोहत से गम छिपाएं बैठा है…
कहीं कोई पूछ ले हाल उसका तो रो ना दे वो,,
इसीलिए वो अपनी नज़रे यूं झुकाएं बैठा है…
एक शक्स यूं मुस्कुराए बैठा है ।।🥀