Ghutt sabran vala kinjh pita e..!!
Asa ikalleyan beh beh raatan nu
Tera naam har saah naal lita e..!!
Tenu khabran na khaure dil chandre diyan
Ishq tere de dhageyan naal sita e..!!
Ikk jaan diwani hoyi teri e duja dil tere naawe kita e..!!
Os tu dur ho k asaas hoya c
Eh dil jeha ode lye tadfan lagg geya c
Menu ptta na laggya eh dil
Kad ode lye dhadkan lagg geya c❤
ਉਸ ਤੋ ਦੂਰ ਹੋ ਕੇ ਅਹਿਸਾਸ ਹੋਇਆ ਸੀ
ਇਹ ਦਿਲ ਜਿਹਾ ਓਦੇ ਲਈ ਤੜਫਣ ਲੱਗ ਗਿਆ ਸੀ
ਮੈਨੂੰ ਪਤਾ ਨਾ ਲੱਗਿਆ ਇਹ ਦਿਲ
ਕੱਦ ਓਦੇ ਲਈ ਧੜਕਣ ਲੱਗ ਗਿਆ ਸੀ❤
चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…