Ke je tu sahmne beth ke niharein menu
Taan mein sajjde ch jhuk jawa rab mann tenu..!!
ये किसने जेल में लाया खाना हाय अल्लाह,
मुजरिम का भी है कोई दीवाना हाय अल्लाह।
ये मज्मा भी मेरे रोने पे बजाता है ताली,
किसको सुनाएं अपना अफ़साना हाय अल्लाह।
अब क्या कि जुर्म किसने की है क़ुसुर है किसका,
अब तो लगा है मुझपर जुर्माना हाय अल्लाह।
मेरी नज़र क्या उस पे है सबकी नज़र मुझ पे है,
पूरा शहर है उसका दीवाना हाय अल्लाह।
वो मुझसे मिलता है रोज़ाना मगर नतीजा ये,
देखो तो लगता है वो बेगाना हाय अल्लाह।
जब भी किसी ने पूछा है धोखा कब मिला फिर तो,
बचपन का याद आए याराना हाय अल्लाह।
शिकवा नहीं है उससे बस दुख ‘अमीम’ इतना है,
क्यों मेरा लौट आया नज़राना हाय अल्लाह
“ਅਰਦਾਸ” ਕੇਵਲ ਸ਼ਬਦਾਂ ਦਾ ਸ਼ਿੰਗਾਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ!!
ਇਹ ਤਾਂ ਰੂਹ ਦਾ ਗੀਤ ਹੈ,ਰੂਹ ਦੀ ਪੁਕਾਰ ਹੈ!!!
ਰਸਨਾ ਦੇ ਬੋਲ ਤਾਂ ਸ਼ਾਇਦ ਮਕਾਨ ਦੀ ਛੱਤ ਤੱਕ ਵੀ ਨਾ ਪਹੁੰਚ ਸਕਣ,ਪਰੰਤੂ ਕਿਸੇ ਦੀ ਰੂਹ ਦੀ ਫਰਿਆਦ ਭਾਵ “ਅਰਦਾਸ” ਅਵੱਸ਼ ਹੀ ਪਰਮਾਤਮਾ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚ ਜਾਂਦੀ ਹੈ!!!