Ke je tu sahmne beth ke niharein menu
Taan mein sajjde ch jhuk jawa rab mann tenu..!!
Kandiyaan nu kaliyaan samajh k kihne kad gal laiyaa
ehe tan #gagan hi kamla c jo ishq di khooni mitti vich, supniyaa da beejh boo aayia
ਕੰਡਿਆਂ ਨੂੰ ਕਲੀਆਂ ਸਮਝ ਕੇ ਕਿਹਨੇ ਕਦ ਗੱਲ ਲਾਇਆ
ਇਹ ਦਾ “ਗਗਨ” ਹੀ ਕਮਲਾ ਸੀ, ਜੋ ਇਸ਼ਕੇ ਦੀ ਖੂਨੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਸੁਪਣਿਆਂ ਦਾ ਬੀਜ਼ ਬੋ ਆਇਆ
नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...