Kuj karn da jazba howe taa
Mushkil to mushkil halat vi sukhale ho jande Hun…
ਕੁੱਝ ਕਰਨ ਦਾ ਜਜ਼ਬਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ
ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਤੋਂ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹਾਲਾਤ ਵੀ ਸੁਖਾਲੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ..
Kuj karn da jazba howe taa
Mushkil to mushkil halat vi sukhale ho jande Hun…
ਕੁੱਝ ਕਰਨ ਦਾ ਜਜ਼ਬਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ
ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਤੋਂ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹਾਲਾਤ ਵੀ ਸੁਖਾਲੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ..
धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
मौसम बदल रहा है, राहें बदल रही हैं,
हवाओं का रुख तो देखो के सांसें बदल रही है,
बदल रहे हैं चेहरे और तस्वीरें बदल रही हैं,
दुआओं में शरीक नहीं पर तकदीरें बदल रही हैं,
बदल रही है नींदें और रातें बदल रही हैं,
करवटों से ज़्यादा अब बातें बदल रही हैं,
छिन जाएगा सबकुछ गर यादें बदल रही हैं,
हवाओं का रुख तो देखो के सांसें बदल रही है...