Vadhere ageyani viakti hi jeevan da Anand maan sakda hai,
Nahi ta vadhere budhimaan viakti apne jivan vich uljheya rehnda hai..
ਵਧੇਰੇ ਅਗਿਆਨੀ ਵਿਅਕਤੀ ਹੀ ਜੀਵਨ ਦਾ ਆਨੰਦ ਮਾਣ ਸਕਦਾ ਹੈ,
ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਵਧੇਰੇ ਬੁੱਧੀਮਾਨ ਵਿਅਕਤੀ ਆਪਣੇ ਜੀਵਨ ਵਿੱਚ ਉਲਝਿਆ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ”
Vadhere ageyani viakti hi jeevan da Anand maan sakda hai,
Nahi ta vadhere budhimaan viakti apne jivan vich uljheya rehnda hai..
ਵਧੇਰੇ ਅਗਿਆਨੀ ਵਿਅਕਤੀ ਹੀ ਜੀਵਨ ਦਾ ਆਨੰਦ ਮਾਣ ਸਕਦਾ ਹੈ,
ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਵਧੇਰੇ ਬੁੱਧੀਮਾਨ ਵਿਅਕਤੀ ਆਪਣੇ ਜੀਵਨ ਵਿੱਚ ਉਲਝਿਆ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ”
अकेले चले जाते हो
बताते भी नहीं हो
बातें दिल में रखते हो
सुनाते भी नहीं हो
अपने राज छुपाए रखते हो
हमारे जान लेते हो
भीड़ में होकर भी
लापता से रहते हो
जो सवाल पूछो तो
नजरे चुराते हो
स्टेटस भी देखते हो
और देखकार मुस्कुरा भी देते
जाने किस रोज को रुके हो
फोन लगाते भी नहीं हो
हमारा दर्द भी समझते हो
फिर भी नसमझ सा बनते हो
कभी बहुत अपनापन जताते हो
और कभी पराए हो जाते हो
बाला की ख़ूबसूरत हो
पर इतराते नहीं हो
वैसे तो हर लिबास में हसीन हो
पर पीली कुर्ती में बिजलियाँ गिराते हो
मशहूर होकर भी गुमनाम सा रहते हो
ताजगी सुबह की हैं पर मस्तानी शाम सा रहते हो
बांधते हो और फिर खोल देते हो
इन जुल्फों से बड़ा खेलते हो
चेहरे की किताब के अक्षरों में उलझाते हो
अब बोल भी दो दिल की बात क्यों हमारे जख्मों को सहलाते हो
मैं तो सामने से नहीं बोल पाऊंगा
डरता हूं तुम्हारी ना हुई तो नहीं झेल पाऊंगा
अब तुम भी तो कभी कुछ इशारों को समझो
किसी चंचल नांव की तरह लहरें से उलझो
अब जब कभी तुमसे अगली मुलाकात हो
इधर-उधर की नहीं सीधे मुद्दे की बात हो
फिर जो भी फैसला आए हमें मंजुर हो
इकरार हो या ना हो पर अब इजहार तो जरूर हो।
इजहार तो जरूर हो।
इजहार तो जरूर हो।
मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯