Mein pyar behisaab kar baitha ohnu
Bhawein ohde layi mein ohda sirf dost haan❤
ਮੈਂ ਪਿਆਰ ਬੇਹਿਸਾਬ ਕਰ ਬੈਠਾ ਉਹਨੂੰ
ਭਾਂਵੇਂ ਉਹਦੇ ਲਈ ਮੈਂ ਉਹਦਾ ਸਿਰਫ ਦੋਸਤ ਹਾਂ❤
Mein pyar behisaab kar baitha ohnu
Bhawein ohde layi mein ohda sirf dost haan❤
ਮੈਂ ਪਿਆਰ ਬੇਹਿਸਾਬ ਕਰ ਬੈਠਾ ਉਹਨੂੰ
ਭਾਂਵੇਂ ਉਹਦੇ ਲਈ ਮੈਂ ਉਹਦਾ ਸਿਰਫ ਦੋਸਤ ਹਾਂ❤
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।
Kush najraa sirf mohobbat mngdiya ne…
Samjhiya kr sajjna…