Dard mileya ta mileya esa pyar da
Na seh hunda e
Na reh hunda e
Na hi usnu kuj keh hunda e..!!
ਦਰਦ ਮਿਲਿਆ ਤਾਂ ਮਿਲਿਆ ਐਸਾ ਪਿਆਰ ਦਾ
ਨਾ ਸਹਿ ਹੁੰਦਾ ਏ
ਨਾ ਰਹਿ ਹੁੰਦਾ ਏ
ਨਾ ਹੀ ਉਸਨੂੰ ਕੁਝ ਕਹਿ ਹੁੰਦਾ ਏ..!!
Dard mileya ta mileya esa pyar da
Na seh hunda e
Na reh hunda e
Na hi usnu kuj keh hunda e..!!
ਦਰਦ ਮਿਲਿਆ ਤਾਂ ਮਿਲਿਆ ਐਸਾ ਪਿਆਰ ਦਾ
ਨਾ ਸਹਿ ਹੁੰਦਾ ਏ
ਨਾ ਰਹਿ ਹੁੰਦਾ ਏ
ਨਾ ਹੀ ਉਸਨੂੰ ਕੁਝ ਕਹਿ ਹੁੰਦਾ ਏ..!!
जो भी दुख याद न था याद आया; आज क्या जानिए क्या याद आया; याद आया था बिछड़ना तेरा; फिर नहीं याद कि क्या याद आया; हाथ उठाए था कि दिल बैठ गया; जाने क्या वक़्त-ए-दुआ याद आया; जिस तरह धुंध में लिपटे हुए फूल; इक इक नक़्श तेरा याद आया; ये मोहब्बत भी है क्या रोग जिसको भूले वो सदा याद आया।
सौ ख्वाबों को मिला के एक ख्वाब देख रखा है ,
ज़िंदगी ने जाने फिर भी क्या हिसाब रखा है ,
तू मशरुफ़ है तेरी अहमत में,
और मैंने तेरे इंतज़ार को संभाल रखा है ।
माना दर्द की सौगात लाता है इश्क़ जाना ,
फिर भी मैंने अपनी मुलाकातों का गुलाब रखा है ,
तेरे साथ ही तो चल रहा है वजूद मेरा ,
तेरी यादों का मैंने एक तकियाँ भिगो रखा है ।
तेरा यू इंतज़ार करवाना ,मेरे दिल को खा जाता है ,
फिर भी तुझसे मिलने का अरमान सजा रखा है ,
कभी आओ खुल के सामने जो मेरे तुम तो दिखाऊ ,
टूटे दिल मे भी तेरे लिए एक महल सजा रखा है ।
………….अजय कुमार ।