आदमी कैसे है, चेहरा देख के पता लगता।
बातें सुन के लगता है मैं सही तालाब का पानी पीता।
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बातें करके, बातें सुन के, समय बर्बाद मत करो।
काम पे लगे रहो, ज़िंदगी में कुछ करो।
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रोटी आग में फूल जाते है।
ज़िंदगी रोटी की तरह- प्रेरणा उसमें प्राण भरते है।
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सुविधा अगर एक बार मिल गए, तो ज़िंदगी भर उसे पाने के लिए दौड़ेगा इंसान।
वह एक ऐसा चीज है, जो मेहनती को बनाता है अकर्मण्य और ईमानदार को बेईमान।
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सुविधा मृत्यु से भी भयानक।
एक बार मिल जाये, तो समझलो आपके प्रतिभा को खा जायेगा कोई घातक।
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आग बुझ जाती है, लेकिन प्यार कभी नहीं।
वायरस भी प्यार की तरह, डेल्टा या ओमिक्रोण, मौजूद सही।
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हमेशा मुख बंद रखो, युद्ध नहीं होगा।
यह सच्चाई फिर से कोविड ने सिखाया।
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कल स्कूल खुलेंगे कई दिन बाद
क़ैद से निकलेंगी बच्चियाँ
नए-पुराने दोस्तों से मिलेंगी
मेरी बच्ची भी जाएगी स्कूल
फ़रहाना के साथ लंच शेयर करेगी
जेनिस के साथ खूब बातें करेगी
रवनीत बनेगी बेंच पार्टनर
फ़रहाना बताएगी वॉटर पार्क के क़िस्से
छपछप करती है वह अक्सर जाकर
जेनिस बताएगी कैसे मुर्ग़े की आवाज़ निकालकर
खिड़की के बाहर आता है रोज़
ग़ुब्बारे वाला
रवनीत बताएगी
गुरुद्वारे जाकर दुखभंजनी साहब गाती है वह
हर बुधवार
मेरी बच्ची भी बताएगी
नई जगहों के बारे में
जहाँ मम्मी ले जाती है उसे
बताएगी कोर्ट गयी थी घूमने
पिछले मंगलवार
कोर्ट एक मस्त जगह है
जहाँ मम्मी-पापा बिल्कुल नहीं लड़ते
सिर्फ़ प्यार करते हैं मुझसे।
बताएगी फ़रहाना को
वॉटर पार्क से बुरा नहीं है थाने जाना
पुलिस वाले अंकल देते हैं ख़ूब सारी टॉफ़ियाँ
और पापा से काफ़ी देर बातें करते हैं।
जेनिस को बताएगी
घर पर आती रहती है पुलिस
जैसे उसके यहाँ आता है ग़ुब्बारे वाला।
अगली बार आई पुलिस तो
वह रवनीत से सीखकर
गाएगी दुखभंजनी साहेब
और रोएगी बिल्कुल नहीं।