Inkaar kar deti, Ijhaar kyon kiya.
Saath mein nahi rehna, toh phir Pyaar kyon kiya…???💔
इंकार कर देती ,इजहार क्यो किया ।
साथ में नही रहना ,तो फिर तूने प्यार क्यो किया…???💔
Inkaar kar deti, Ijhaar kyon kiya.
Saath mein nahi rehna, toh phir Pyaar kyon kiya…???💔
इंकार कर देती ,इजहार क्यो किया ।
साथ में नही रहना ,तो फिर तूने प्यार क्यो किया…???💔
Don’t bend; don’t water it down; don’t try to make it logical; don’t edit your own soul according to the fashion. Rather, follow your most intense obsessions mercilessly
Franz Kafka
करवट बदलकर सोने की कोशिश की, नींद फिर भी ना आई..
रात कमरे में बस हम दोनो थे, मैं और मेरी तनहाई..
उसे पसंद नहीं मुझसे दूर जाना, और मैने कभी वो पास ना बुलाई..
आखिर में बैठकर बातें की उससे, और जान पहचान बढ़ाई..
उसने कहा साथ उसे अच्छा लगता है मेरा, पर मुझे वो रास न आई..
समझाया उसे दूर होजा मुझसे, इतनी सी बात भी उसे समझ ना आई..
आखिर में अपनाना पड़ा उसे, वो तो मुझे छोड़ ना पाई..
जब अपनाकर उसे, आंखें बंद की मैने, तब जाकर कहीं मुझे नींद आई….