
Ke ishq hun dullda e ban akhiya Cho pani..!!
Ohde khayalan da kayal dil mera hoyia
Hun pyar nhio mukkna par jind mukk Jani..!!

nahin chaahie kuchh bhee teree ishq ki dookaan se,
har cheej mein milaavat hai bewafai ki……
नहीं चाहिए कुछ भी तेरी इश्क़ कि दूकान से,
हर चीज में मिलावट है बेवफाई कि……
गरीबी भी देखी है अमीरी भी देखी है,
फटे थे कपड़े जब वो फकीरी भी देखी है...
हाथों में रोटी थी कटोरे में सिक्के थे,
अनजान चेहरों की बहुत हाज़िरी भी देखी है,
उम्दा सियासत में गुनहगारों की वजीरी भी देखी है...
इंसानियत दम तोड रही थी बंजर दरिया में
वो ढलती शाम मैने आखिरी देखी है...