
Ke ishq hun dullda e ban akhiya Cho pani..!!
Ohde khayalan da kayal dil mera hoyia
Hun pyar nhio mukkna par jind mukk Jani..!!


Na me ohnu pa sakeya
te na me rabb nu pa sakeya
is zindagi di bheed vich
me apne aap nu hi na paa sakeyaa
सोचू तेरे बारे में तो इतना मैं मुस्कुराऊ,
सामने जब तू आए तो कभी नजरों को रोकू,
तो कभी दिल को समझाऊं,
नादान है ये दिल ज़रा की मानता ही नहीं है,
सब कुछ जानने के भी बाद भी,
ये कुछ जानता हि नहीं है,
कभी खुद को संभालू तो कभी खुद को समझाऊं,
क्यों हर दिन और मैं तेरे जैसा होता जाउ,
ख्याल तेरा जब भी आए,
न जाने क्यों मैं फिर सो ना पाउं,
कभी खुद को रोकू तो कभी दिल को समझाऊं !