हम इस प्यार को प्यार से प्यार करते है
क्यों करते है इतनी मोहबत आपसे
क्यों यह गुन्हा हम हर बार करते है
Hum Is Pyar Ko Pyar Sey Pyar Karte Hai
Kyu Karte Hai Itni Mohabbat Apse
Kyu Yeh Gunha Hum Har Var Karte Hai
हम इस प्यार को प्यार से प्यार करते है
क्यों करते है इतनी मोहबत आपसे
क्यों यह गुन्हा हम हर बार करते है
Hum Is Pyar Ko Pyar Sey Pyar Karte Hai
Kyu Karte Hai Itni Mohabbat Apse
Kyu Yeh Gunha Hum Har Var Karte Hai
उसके चेहरे में कई राज छुपे हैं, घबराती है बताने से..
कभी बेखौफ करे इजहार कभी, डरे जज्बात जताने से..
कभी आँखों से हटने नहीं देती, कभी फ़र्क नी पड़ता जाने से..
कभी मारने पर हंस पडती है, कभी रोये हाथ लगाने से..
कभी-कभी वो बाज नहीं आती, बेमतलब प्यार लुटाने से..
कभी लगे ना जाने कैसा प्यार है, भर देती दिल वो ताने से..
कभी-कभी वो घबरा जाती है, मुझे अपने पास बुलाने से..
कभी-कभी नहीं थकती वो अपनी, पलकों पे मुझे झूलाने से..
कभी दूर मुझसे है हो जाती, अचानक किसी के आने से..
कभी लड़ पड़ती मेरा हाथ पकड़ कर, मेरे लिए वो भरे जमाने से..
कभी परेशान हो जाता उसके, बेमतलब के शर्माने से..
कभी मुश्किल में फंस जाता हूं, परदा भी उसे कराने से..
अब तो मुझे भी डर है उसके, अचानक ही मुस्कुराने से..
क्या सबकी जिंदगी में है कोई ऐसा, या मेरी ही अलग है जमाने से..