आसान होगा शायद तुम्हारे लिए ये कहना,
प्यार की डोर में तुम्हें नहीं है बंधना,
हाल दरें हाल बेहाल इस दिल का हो रहा,
जो एक मुलाकात में तुम्हें अपना कह रहा ||
आसान होगा शायद तुम्हारे लिए ये कहना,
प्यार की डोर में तुम्हें नहीं है बंधना,
हाल दरें हाल बेहाल इस दिल का हो रहा,
जो एक मुलाकात में तुम्हें अपना कह रहा ||
Galtiyan te gunah Tere vi kujh ghatt nahi
Oh vakhri gall e bhute shikwe nahi krde asi..!!
ਗਲਤੀਆਂ ਤੇ ਗੁਨਾਹ ਤੇਰੇ ਵੀ ਕੁਝ ਘੱਟ ਨਹੀਂ
ਉਹ ਵੱਖਰੀ ਗੱਲ ਏ ਬਹੁਤੇ ਸ਼ਿਕਵੇ ਨਹੀਂ ਕਰਦੇ ਅਸੀਂ..!!
क्या वक्त ये मेरे दरमियां है,
किसी ने बताया नहीं मुझमें क्या कमियां है,
शाम की खुशियों में गम का अंधेरा क्यूं लाएं,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...
कैद कर लिया है खुद को इन बेड़ियों में,
क्या फर्क है अब मुझमें और कैदियों में,
इन अंजान गलियों में आज थोड़ा फिसला जाए,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...