Kine bchaya kine kita,
Barbaad likha
Mar k v mai,
Qabar apni te abaad likha
Mar k v mai,
Qabar apni te abaad likha
Kine bchaya kine kita,
Barbaad likha
Mar k v mai,
Qabar apni te abaad likha
Mar k v mai,
Qabar apni te abaad likha
यह अधूरा इश्क कब पूरा होगा
होगा भी जा अधूरा रहेगा
ना तुम आए ना पैगाम आया
तुम्हरे पैगाम का कब तक
इंतजार रहेगा
कौन सी जगह है वोह
जहा पर वोह सो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम गलियों मै देख आए
ना गलियों मै वोह मिला
हम बात उसकी कर रहे
हमें छोड़ कर जो गया
नाजने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम पहचान बताते हैं उसकी
सफेद रंग और काले घने बाल है।
कहां रहते हैं वोह कोनसे गांव और शहर में
एकेले थे जा कोई नाल है।
काले रंग की पेंट और कमीज़ पहनते है।
एक हाथ मै डायरी और एक हाथ
मे कलम पकड़ कर रखते हैं।
उनकी चाहत सबसे ज्यादा डायरी से
और वोह डायरी को
सिने से जकड़ कर रखते है।
उनका नाम है हर्ष
जो शायरी करते थे
अब तो नाम उनका गुमनाम सा हो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया।
Mere Hatho ki Lakiro meh kya likha hai Tuneh ee mere Malik.
Mere Hatho ki Lakiro me kya likha hai tuneh ee mere Malik..
Hatho ko Dekti huu toh kuj nazar nahi ata hai ee mere Malik..
Par sach toh yeh hai k bohot kuch Diya hai tuneh muje ee Mere Malik
Isliye me Hath peh nahi, tere bharose peh Zinda huu ee Mere Malik..