"Raat k andehere main kuch toh shore macha rha h jo na hokar bhi itna kyu yaad aarha h dil ki shikayte or khamoshi zubaan pe aati nhi h bas ye gehri sanaate main khota jaa rha hun ye raat bhi gumshum si h jo mere ander ki shore chupa rha h
“
"Raat k andehere main kuch toh shore macha rha h jo na hokar bhi itna kyu yaad aarha h dil ki shikayte or khamoshi zubaan pe aati nhi h bas ye gehri sanaate main khota jaa rha hun ye raat bhi gumshum si h jo mere ander ki shore chupa rha h
“
उसके चेहरे में कई राज छुपे हैं, घबराती है बताने से..
कभी बेखौफ करे इजहार कभी, डरे जज्बात जताने से..
कभी आँखों से हटने नहीं देती, कभी फ़र्क नी पड़ता जाने से..
कभी मारने पर हंस पडती है, कभी रोये हाथ लगाने से..
कभी-कभी वो बाज नहीं आती, बेमतलब प्यार लुटाने से..
कभी लगे ना जाने कैसा प्यार है, भर देती दिल वो ताने से..
कभी-कभी वो घबरा जाती है, मुझे अपने पास बुलाने से..
कभी-कभी नहीं थकती वो अपनी, पलकों पे मुझे झूलाने से..
कभी दूर मुझसे है हो जाती, अचानक किसी के आने से..
कभी लड़ पड़ती मेरा हाथ पकड़ कर, मेरे लिए वो भरे जमाने से..
कभी परेशान हो जाता उसके, बेमतलब के शर्माने से..
कभी मुश्किल में फंस जाता हूं, परदा भी उसे कराने से..
अब तो मुझे भी डर है उसके, अचानक ही मुस्कुराने से..
क्या सबकी जिंदगी में है कोई ऐसा, या मेरी ही अलग है जमाने से..
Full mehak bajo jiwe oda sukk rahe haan
Tere Intezaar vich mukk rahe Haan🥀..!!
ਫੁੱਲ ਮਹਿਕ ਬਾਜੋਂ ਜਿਵੇਂ ਓਦਾਂ ਸੁੱਕ ਰਹੇ ਹਾਂ
ਤੇਰੇ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਵਿੱਚ ਮੁੱਕ ਰਹੇ ਹਾਂ🥀..!!