kal raat mainne apane saare gam kamre ki deevaaron pe likh daale,
bas ham sote rahe aur deevaaren roti raheen…..
कल रात मैंने अपने सारे ग़म कमरे की दीवारों पे लिख डाले,
बस हम सोते रहे और दीवारें रोती रहीं…..
kal raat mainne apane saare gam kamre ki deevaaron pe likh daale,
bas ham sote rahe aur deevaaren roti raheen…..
कल रात मैंने अपने सारे ग़म कमरे की दीवारों पे लिख डाले,
बस हम सोते रहे और दीवारें रोती रहीं…..
आदमी कैसे है, चेहरा देख के पता लगता।
बातें सुन के लगता है मैं सही तालाब का पानी पीता।
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बातें करके, बातें सुन के, समय बर्बाद मत करो।
काम पे लगे रहो, ज़िंदगी में कुछ करो।
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रोटी आग में फूल जाते है।
ज़िंदगी रोटी की तरह- प्रेरणा उसमें प्राण भरते है।
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सुविधा अगर एक बार मिल गए, तो ज़िंदगी भर उसे पाने के लिए दौड़ेगा इंसान।
वह एक ऐसा चीज है, जो मेहनती को बनाता है अकर्मण्य और ईमानदार को बेईमान।
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सुविधा मृत्यु से भी भयानक।
एक बार मिल जाये, तो समझलो आपके प्रतिभा को खा जायेगा कोई घातक।
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आग बुझ जाती है, लेकिन प्यार कभी नहीं।
वायरस भी प्यार की तरह, डेल्टा या ओमिक्रोण, मौजूद सही।
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हमेशा मुख बंद रखो, युद्ध नहीं होगा।
यह सच्चाई फिर से कोविड ने सिखाया।
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Jeevan mein ek baar sabhi ne kiya hai pyar,
Kuchh ne darr kar kuchh ne josh mein kiya izhaar,
Magar bina bole jab do dil keh jaye dil ki baat,
Vahi hai nazar ka nazar se saccha ikraar.