kal raat mainne apane saare gam kamre ki deevaaron pe likh daale,
bas ham sote rahe aur deevaaren roti raheen…..
कल रात मैंने अपने सारे ग़म कमरे की दीवारों पे लिख डाले,
बस हम सोते रहे और दीवारें रोती रहीं…..
kal raat mainne apane saare gam kamre ki deevaaron pe likh daale,
bas ham sote rahe aur deevaaren roti raheen…..
कल रात मैंने अपने सारे ग़म कमरे की दीवारों पे लिख डाले,
बस हम सोते रहे और दीवारें रोती रहीं…..
तनहाई तलाश रही मुझको, और मुझे तलाश है बस तेरी..
गर मुमकिन है तो आ जाओ, इंतजार में नजरें हैं मेरी..
इंहे नींद नहीं अब आती है, राहों में टिकी हैं ये तेरी..
यकीन न इनको होता है, के तूने भी आंखें हैं फेरी..
समझाऊं केसे मैं इनको, किस्मत में नहीं है तू मेरी..
जिन आंखों को हैं ये ढूंढ़ रही, बंद हैं वो आंखें तेरी..
जेसे दिल है हार गया मेरा, वैसे हारेगी अब रूह मेरी..
अब थक कर ये सोएंगी जब, होगी जिस्म से जान जुदा मेरी..

Na me ohnu pa sakeya
te na me rabb nu pa sakeya
is zindagi di bheed vich
me apne aap nu hi na paa sakeyaa