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rabrusiyaa

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Title: rabrusiyaa

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Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


इस छोटी सी ज़िंदगी के कुछ कटु अनुभव✌️ || zindagi shayari hindi

हादसे इन आँखों ने तमाम देखे है
जिनको हम प्यार से पा न सके
होते वो लोग निलाम देखे है
अश्क नही लहु छलकता है आँखों से
बर्बादियों के जश्न में झलकते जाम देखे है
मैंने ऐसे भी मुकाम देखे है
दोस्तों में शामिल दुश्मनो के नाम देखें है
यकीन सबसे तब उठ गया
जब सच्चे दिल वालों के होते बुरे अंजाम देखे है
ज़ख्म गम,दर्द सच्चाई को मिलते इनाम देखे हैं
झूठों की शान में होते सलाम देखे है
छोड दिया खुद को मजबूत कहना
गिरते यहां बहुत बलवान देखे हैं
अकेले रहना बेहतर है अब✌️
सबसे मिलने के नुक्सान देखे हैं
कोई नहीं रहता यहाँ देर तक
गिरते मैंने वो मजबूत मकान देखे हैं
रोशनी में जो दूर तक साथ रहे
अंधेरे में दूर होते वो इंसान देखे हैं
कोई एक तो नहीं है दर्द की वजाह
वे दर्द इंसान मैंने तमाम देखे हैं
खुशी में तो सब साथ ही थे
बस गम में रास्ते सुनसान देखे हैं
हर बात में जान जान कहने वाले
लेते मैंने जान देखे हैं
एक नही हादसे तमाम देखे है!!
Manisha❤️Mann✍️

Title: इस छोटी सी ज़िंदगी के कुछ कटु अनुभव✌️ || zindagi shayari hindi


Tu jaandi ni menu ||hindi punjabi shayari

तू जांदी नी मेनू…

हाय…

याद तेरे हाथ दी हर इक लकीर

तेरे हाथ ते लिखी हर तकदीर

तेरे नाल घूमे राह

मीनू याद तेरा हर साह

तेरे बुल…तेरी बोली

तेरियां अखां.. तेरी तकनी..

तेरे दंद..तेरा हस्सा

तू..तेरी खुशबू

तेरा चेहरा…ते चन्न

मैनू याद आ सब

याद है वो भी… जो बताया नही तूने

याद है वो भी….जो जताया नहीं तूने..

मेरे आस पास होना और हमेशा रहने की चाह…

मुझे याद है तेरे दिल से निकली हर राह..

तेरी राहों पर चलने वाली मै अकेली बनना चाहती थी..

तुझे ढूंढते ढूंढते.. मै खुद तुझमे खोना चाहती थी..

पा कर भी सुकून नहीं था… सुकून मिल कर भी सुकून नहीं था.. तुझे पाना सुकून नहीं था… मै तो तू बनना चाहती थी….

जेह मेनू मिलदा नी तू..

एम फेर वी तेनु जांदी हुंदी..

तेरे हत्था नू फड के लकीरा दा राज पूछदी हुंदी….

तेरे गले लग के तेरे हाल पूछदी हुंदी..

तेरे नाल घुम घुम के….फुलां दे ना पूछदी हुंदी..

जेह मेनू मिल्दा नी तू.. एम फेर वी तेनु जांदी हुंदी..

जन के सब कुछ…मै अंजन बंदी हुंदी…

बार बार इको ही सवाल पूछदी हुंदी…

तेनु ना कर के ओही काम करदी हुंदी…

तेनु जो रंग पसनद.. मै ओह रंग च फबड़ी हुंदी…

तेनु पसंद जो धंग.. उस धंग.. सजना साजन मै सजदी हुंदीतू जांदी नी मेनू…

हाये…

हां.. मै जांदी आ…. तू पुछ के तां वेख…. तेरे स्वाला दा जवाब म जांदी आ .. तेरे फुलां दा ना मै जांदी आ… सब जांदी आ मै…. पर पुछना पसंद आ मेनू… जो जांदी आ… ओह वी पुछना पसंद आ… सवाल ख़त्म हो गए तां…. जो पता ओह वी पुछना आ मैनू…. सब कुछ तैथो पुछना आ‌ मैनू… तेरे अलवा किसी तीजे दा ना वी पसंद मेनू

मै जंदी अउ तेनु..

हां…… मै जांदी आ

ते बस तेनु..

हां…… म जांदी आ

Title: Tu jaandi ni menu ||hindi punjabi shayari