करवट बदलकर सोने की कोशिश की, नींद फिर भी ना आई..
रात कमरे में बस हम दोनो थे, मैं और मेरी तनहाई..
उसे पसंद नहीं मुझसे दूर जाना, और मैने कभी वो पास ना बुलाई..
आखिर में बैठकर बातें की उससे, और जान पहचान बढ़ाई..
उसने कहा साथ उसे अच्छा लगता है मेरा, पर मुझे वो रास न आई..
समझाया उसे दूर होजा मुझसे, इतनी सी बात भी उसे समझ ना आई..
आखिर में अपनाना पड़ा उसे, वो तो मुझे छोड़ ना पाई..
जब अपनाकर उसे, आंखें बंद की मैने, तब जाकर कहीं मुझे नींद आई….
Mein taan jaan deya tetho vaar
Silsila ajab bneya..!!
Menu khud de tu lekhe la lai yaar
Tu hi sada sab baneya..!!
ਮੈਂ ਤਾਂ ਜਾਨ ਦਿਆਂ ਤੈਥੋਂ ਵਾਰ
ਸਿਲਸਿਲਾ ਅਜਬ ਬਣਿਆ..!!
ਮੈਨੂੰ ਖੁਦ ਦੇ ਤੂੰ ਲੇਖੇ ਲਾ ਲੈ ਯਾਰ
ਤੂੰ ਹੀ ਸਾਡਾ ਸਭ ਬਣਿਆ..!!