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Rabb-disda-true-love-punjabi-status

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Title: Rabb-disda-true-love-punjabi-status

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Likhta me kisaan ke liye || किसान कविता

लिखता मैं किसान के लिए
मैं लिखता इंसान के लिए
नहीं लिखता धनवान के लिए
नहीं लिखता मैं भगवान के लिए
लिखता खेत खलियान के लिए
लिखता मैं किसान के लिए
नहीं लिखता उद्योगों के लिए
नहीं लिखता ऊँचे मकान के लिए
लिखता हूँ सड़कों के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
क़लम मेरी बदलाव बड़े नहीं लाई
नहीं उम्मीद इसकी मुझे
खेत खलियान में बीज ये बो दे
सड़क का एक गढ्ढा भर देती
ये काफ़ी इंसान के लिए
लिखता हूँ किसान के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
आशा नहीं मुझे जगत पढ़े
पर जगत का एक पथिक पढ़े
फिर लाए क्रांति इस समाज के लिए
इसलिए लिखता मैं दबे-कुचलों के लिए
पिछड़े भारत से ज़्यादा
भूखे भारत से डरता हूँ
फिर हरित क्रांति पर लिखता हूँ
फिर किसान पर लिखता हूँ
क्योंकि
लिखता मैं किसान के लिए
लिखता मै इंसान के लिए

                तरुण चौधरी

Title: Likhta me kisaan ke liye || किसान कविता


Life Poem: गमों में भी मुस्कुराना सीखिये

परवाह नहीं चाहें कहता रहें कोई भी हमें पागल दिवाना
हम क्यू बताए किसी कों के हम ज़ानते हैं गमो में भी मुस्कराना
 
ज़ान तक अपनीं लुटानी पड़ती हैं इश्क़ मे
ऐसें हीं नहीं लिख़ा ज़ाता मोहब्बत का अफ़साना
 
क़िसी लाश के पास खडी होती हैं सांस लेती लाशे
मुर्दां कौंन हैं,समझ़ ज़ाओ तो मुझ़े भी समझ़ाना
 
टाल मटोंल चल ज़ाती हैं अपने ज़रूरी कामो मे
पर मौंत सुनतीं नहीं किसी का कोईं भी ब़हाना
 
नूर ना हों ज़ाए एक़ एक़ बून्द अश्क की तो क़हना
कभीं मां बाप की ख़ातिर चन्द आंसू तो ब़रसाना
 
ज़ब किस्मत साथ नहीं देती दिल सें आदमी क़ा
तो मुश्कि़ल हो ज़ाता हैं दो वक्त क़ी रोटी भीं कमाना
 
जिन्दगीं मे बहुत ज्यादा ज़रूरी हैं ये सीख़ना
क्या क्या राज़ हैं हमे,अपनी रूह मे छिपाना
 
कितनें हम गलत हैं और क़ितने हैं हम सहीं
सुन लेना कभीं चुपकें से,बाते क़रता है ख़ुलेआम ये ज़माना
 
हर गलती माफ क़र देता हैं ऊपरवाला दयालु भगवान्
पर गलतीं से भी कभीं ना तुम क़िसी गरीब को रुलाना
 
गए वक्त नहीं हैं हम ज़ो लौट क़र ना आ सके

वक्तें-ज़रूरत ए दोस्त कभीं तुम नीरज़ को आज़माना

Title: Life Poem: गमों में भी मुस्कुराना सीखिये