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Rabb mera e jado da russeya || ghaint Punjabi shayari

Life shayari || sad shayari || Dil duniya to esa shutteya
Fr Na khileya kidre vi..!!
Rabb mera e jado da russeya
Sukun na mileya kidre vi..!!
Dil duniya to esa shutteya
Fr Na khileya kidre vi..!!
Rabb mera e jado da russeya
Sukun na mileya kidre vi..!!

Title: Rabb mera e jado da russeya || ghaint Punjabi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Na rakh samb k || Inspirational punjabi staus

Na rakh saamb k dard apne nu
ehnu niklan de folaad ban k
pachhtaunge dard den wale tad
jad tere bol lokaan di jubaan ban gae

ਨਾ ਰੱਖ ਸਾਂਭ ਕੇ ਦਰਦ ਆਪਣੇ ਨੂੰ
ਇਹਨੂੰ ਨਿਕਲਣ ਦੇ ਫੌਲਾਦ ਬਣ ਕੇ
ਪਛਤਾਉਣਗੇ ਦਰਦ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਤਦ
ਜਦ ਤੇਰੇ ਬੋਲ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਜੁਬਾਂ ਬਣ ਗੇ

Title: Na rakh samb k || Inspirational punjabi staus


Camel ki gardan || akbar birbal kahani

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: Camel ki gardan || akbar birbal kahani