ਓਹਦੇ ਨਾਲ ਸੋਚੇ ਸੁਪਨੇ, ਹੋਏ ਨਾ ਪੂਰੇ,
ਓਹਦੇ ਨਾਲ ਦੇਖੇ ਖ਼ਵਾਬ, ਰਹਿ ਗਏ ਅਧੂਰੇ,
ohde naal soche supne, hoye na poore
ohde naal dekhe khawaab, reh gaye adhoore
ਓਹਦੇ ਨਾਲ ਸੋਚੇ ਸੁਪਨੇ, ਹੋਏ ਨਾ ਪੂਰੇ,
ਓਹਦੇ ਨਾਲ ਦੇਖੇ ਖ਼ਵਾਬ, ਰਹਿ ਗਏ ਅਧੂਰੇ,
ohde naal soche supne, hoye na poore
ohde naal dekhe khawaab, reh gaye adhoore
अब कौन रोज़ रोज़ ख़ुदा ढूंढे,
जिसको न मिले वही ढूंढे ..
रात आयी है, सुबह भी होगी,
आधी रात में कौन सुबह ढूंढे..
जिंदगी है जी खोल कर जियो,
रोज़ रोज़ क्यों जीने की वजह ढूंढ़े..
चलते फिरते पत्थरों के शहर में,
पत्थर खुद पत्थरों में भगवान ढूंढ़े..
धरती को जन्नत बनाना है अगर,
हर शख्स खुद में पहले इंसान ढूंढे…!!!
Mujhe bolna nhi aata
Usse sabr karna nhi aata
Mai kese kahu mujhe mohabbat hai usse
Us pagal shakhs ko meri akhon ko padha bhi nhi aata😑
मुझे बोलना नही आता
उसे सब्र करना नही आता
मैं कैसे कहूँ मुझे मोहोब्बत है उससे
उस पागल शख्स को मेरी आँखें पढ़ना भी नही आता😑