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Roj mere naal phone te gallan karke || bewafa shayari

Roj mere naal phone te gallan karke
kal mera hi number bhul gya
pyar mere nu thukraa ke tu jism ute dhul gya
oh eh pyaar kaahda
eh tan jism diyaan khedaan ne
kal mere naal khedi si
ajh kise naal

ਰੋਜ ਮੇਰੇ ਨਾਲ਼ ਫੋਨ ਤੈਅ ਗਲਾ ਕਰਕੇ
ਕਾਲ ਮੇਰਾ ਹੀ ਨੰਬਰ ਭੁੱਲ ਗਿਆ
“ਪਿਆਰ ਮੇਰੇ ਨੂੰ ਠੁਕਰਾ ਕੇ ਤੂੰ ਜਿਸਮ ਉੱਤੇ ਡੂੰਲ ਗਇਆ”
ਉਹ ਏਹ ਪਿਆਰ ਕਾਦਾ ਏਹ ਤਾਂ ਜਿਸਮ ਦੀ ਖੇਡਾਂ ਨੇ
ਕੱਲ ਮੇਰੇ ਨਾਲ਼ ਖੇਡੀ ਸੀ ਅੱਜ ਕਿਸੇ ਨਾਲ

Title: Roj mere naal phone te gallan karke || bewafa shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Bachpan Beet Gaya – Hindi Kavita on Life || zindagi Bachpan poetry

बचपन ब़ीत गया लडकपन मे,
ज़वानी बीत रहीं घर बनानें मे,
ज़ंगल सी हो गयी हैं जिन्दगी,
हर कोईं दौड रहा आन्धी के गुबार मे।
 
हर रोज़ नईं भोर होती,
पर नही ब़दलता जिन्दगी का ताना ब़ाना,
सब कर रहें है अपनीं मनमानी,
लेक़िन जी नही रहें अपनी जिन्दगानी।
 
कोईं पास बुलाये तो डर लग़ता हैं,
कैंसी हो गईं हैं यह दुनियां बेईंमानी,
सफ़र चल रहा हैं जिन्दा हू कि पता नही,
रोज लड रहा हू चन्द सासे ज़ीने के लिये।               

मिल नही रहा हैं कोई ठिकाना,
जहा दो पल सर टिक़ाऊ,
ऐसें सो जाऊ की सपनो में ख़ो जाऊ,
बचपन की गलियो में खो जाऊ।
 
वो बेंर मीठें तोड लाऊ,
सूख़ गया जो तालाब उसमे फ़िर से तैंर आऊ,
मां की लोरीं फिर से सुन आऊ,
भूल जाऊ जिन्दगी का यें ताना बाना।
 
देर सवेंर फ़िर से भोर हो गईं,
रातो की नीद फ़िर से उड गईं,
देख़ा था जो सपना वो छम सें चूर हो ग़या,
जिन्दगी का सफ़र फिर से शुरू हों गया।               

आंखो का पानी सूख़ गया,
चेहरें का नूर कही उड सा गया,
अब जिन्दगी से एक़ ही तमन्ना,
सो जाऊ फ़िर से उन सपनो की दुनियां मे।

Title: Bachpan Beet Gaya – Hindi Kavita on Life || zindagi Bachpan poetry


aaj socta hu sir peet ke || sad shayari

उसकी जुल्फों से छाँव हुई, दिल धूप में बड़ा बेचैन सा था..
ठोकर लगी फिर भी नहीं हटी नजर, वो जादू उसके नैन का था..
उसके हुस्न में डूब के हम, कुछ इस कदर उसके हो गए..
आज सोचता हूं सिर पीट के मैं, जीवन कितना सुख-चैन सा था..

Title: aaj socta hu sir peet ke || sad shayari