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me-rokeyac-bewas-shayari

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bewas shayri sad || Me rokeya c ohnu oh tad v chala gya bewasi meri door tak vekhdi rahi ohnu

Title: me-rokeyac-bewas-shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


आदमी एक खूबियाँ तीन || akbar story

एक बार अकबर और बीरबल बागीचे में बैठे थे। अचानक अकबर ने बीरबल से पूछा कि क्या तुम किसी ऐसे इन्सान को खोज सकते हो जिसमें अलग-अलग बोली बोलने की खूबी हों?

बीरबल ने कहा, क्यों नहीं, मै एक आदमी जानता हूँ जो तोते की बोली बोलता है, शेर की बोली बोलता है, और गधे की बोली भी बोलता है। अकबर इस बात को सुन कर हैरत में पड़ गए। उन्होने बीरबल को कहा किअगले दिन उस आदमी को पेश किया जाये।

बीरबल उस आदमी को अगले दिन सुबह दरबार में ले गए। और उसे एक छोटी बोतल शराब पीला दी। अब हल्के नशे की हालत में शराबी अकबर बादशाह के आगे खड़ा था। वह जानता था की दारू पी कर आया जान कर बादशाह सज़ा देगा। इस लिए वह गिड़गिड़ाने लगा। और बादशाह की खुशामत करने लगा। तब बीरबल बोले की हुज़ूर, यह जो सज़ा के डर से बोल रहा है वह तोते की भाषा है।

उसके बाद बीरबल ने वहीं, उस आदमी को एक और शराब की बोतल पिला दी। अब वह आदमी पूरी तरह नशे में था। वह अकबर बादशाह के सामने सीना तान कर खड़ा हो गया। उसने कहा कि आप नगर के बादशाह हैं तो क्या हुआ। में भी अपने घर का बादशाह हूँ। मै यहाँ किसी से नहीं डरता हूँ।

बीरबल बोले कि हुज़ूर, अब शराब के नशे में निडर होकर यह जो बोल रहा है यह शेर की भाषा है।

अब फिर से बीरबल ने उस आदमी का मुह पकड़ कर एक और बोतल उसके गले से उतार दी। इस बार वह आदमी लड़खड़ाते गिरते पड़ते हुए ज़मीन पर लेट गया और हाथ पाँव हवा में भांजते हुए, मुंह से उल-जूलूल आवाज़ें निकालने लगा। अब बीरबल बोले कि हुज़ूर अब यह जो बोल रहा है वह गधे की भाषा है।

अकबर एक बार फिर बीरबल की हाज़िर जवाबी से प्रसन्न हुए, और यह मनोरंजक उदाहरण पेश करने के लिए उन्होने बीरबल को इनाम दिया।

Title: आदमी एक खूबियाँ तीन || akbar story


Sajjna de naal pehchaan

Asi v sajjna di jaan hunde si
rabb jidhe sajjana te maan hunde si
sardaari hundi si sohne sajjna de naal
preet saaddi sajjana de naal pehchaan hundi

ਅਸੀ ਵੀ ਸੱਜਣਾ ਦੀ ਜਾਨ ਹੁੰਦੇ ਸੀ
ਰੱਬ ਜਿੱਡੇ ਸੱਜਣਾ ਤੇ ਮਾਣ ਹੁੰਦੇ ਸੀ
ਸਰਦਾਰੀ ਹੁੰਦੀ ਸੀ ਸੋਹਣੇ ਸੱਜਣਾ ਦੇ ਨਾਲ
ਪ੍ਰੀਤ ਸਾਡੀ ਸੱਜਣਾ ਦੇ ਨਾਲ ਪਹਿਚਾਣ ਹੁੰਦੀ ਸੀ

ਭਾਈ ਰੂਪਾ

Title: Sajjna de naal pehchaan