kah do apane daanton ko, qi had mein rahen,
tere labon pe bas mere labon ka haq hai…
कह दो अपने दांतों को, क़ि हद में रहें,
तेरे लबों पे बस मेरे लबों का हक़ है…
kah do apane daanton ko, qi had mein rahen,
tere labon pe bas mere labon ka haq hai…
कह दो अपने दांतों को, क़ि हद में रहें,
तेरे लबों पे बस मेरे लबों का हक़ है…
Yun toh aap humse kabhi khafaa honge nai,
Par is mohobbat me kabhi kabhi khafaa hona acha hai…
Do jism, ek jaan or ye pyaar jab sacha hai,
Toh is mohobbat me kabhi kabhi khafaa hona kaafi acha hai…
वो आसमन मै फैला उजाला है,
या मेरे घुस्से पर लगा ताला|
वो पहाडो की चोटी पर सुरज की किरण है,
या जिंदगी सही जिने का आचरण|
वो ना हो तो वर्णमाला अधुरी है,
वो जो सबसे ज्यादा जरुरी है|
डाटता हु तो चुप हो जाती है,
फिर मेरी गोद मै आ कर सिसककर रोती है|
वो मुझसे मेहेंगे तौफे या खिलोने नही चाहती,
वो तो बस कुछ वक्त मेरे साथ बिताना चाहती है|
लोग केहते है बेटिया तो पराया धन होती है,
पर एक बाप से पूछो वो उसके जिनेका मकसद होती है|
बेटीया तो सिर्फ बेटीया होती है|