Mohobbat ek alag ehsas e
Roohani jazbeyan naal bharpoor
Jismani rishteyan to kohan door..!!
ਮੋਹੁੱਬਤ ਇੱਕ ਅਲੱਗ ਅਹਿਸਾਸ ਏ
ਰੂਹਾਨੀ ਜਜ਼ਬਿਆਂ ਨਾਲ ਭਰਪੂਰ
ਜਿਸਮਾਨੀ ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਤੋਂ ਕੋਹਾਂ ਦੂਰ..!!
Mohobbat ek alag ehsas e
Roohani jazbeyan naal bharpoor
Jismani rishteyan to kohan door..!!
ਮੋਹੁੱਬਤ ਇੱਕ ਅਲੱਗ ਅਹਿਸਾਸ ਏ
ਰੂਹਾਨੀ ਜਜ਼ਬਿਆਂ ਨਾਲ ਭਰਪੂਰ
ਜਿਸਮਾਨੀ ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਤੋਂ ਕੋਹਾਂ ਦੂਰ..!!
करवट बदलकर सोने की कोशिश की, नींद फिर भी ना आई..
रात कमरे में बस हम दोनो थे, मैं और मेरी तनहाई..
उसे पसंद नहीं मुझसे दूर जाना, और मैने कभी वो पास ना बुलाई..
आखिर में बैठकर बातें की उससे, और जान पहचान बढ़ाई..
उसने कहा साथ उसे अच्छा लगता है मेरा, पर मुझे वो रास न आई..
समझाया उसे दूर होजा मुझसे, इतनी सी बात भी उसे समझ ना आई..
आखिर में अपनाना पड़ा उसे, वो तो मुझे छोड़ ना पाई..
जब अपनाकर उसे, आंखें बंद की मैने, तब जाकर कहीं मुझे नींद आई….