Mohobbat ek alag ehsas e
Roohani jazbeyan naal bharpoor
Jismani rishteyan to kohan door..!!
ਮੋਹੁੱਬਤ ਇੱਕ ਅਲੱਗ ਅਹਿਸਾਸ ਏ
ਰੂਹਾਨੀ ਜਜ਼ਬਿਆਂ ਨਾਲ ਭਰਪੂਰ
ਜਿਸਮਾਨੀ ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਤੋਂ ਕੋਹਾਂ ਦੂਰ..!!
Mohobbat ek alag ehsas e
Roohani jazbeyan naal bharpoor
Jismani rishteyan to kohan door..!!
ਮੋਹੁੱਬਤ ਇੱਕ ਅਲੱਗ ਅਹਿਸਾਸ ਏ
ਰੂਹਾਨੀ ਜਜ਼ਬਿਆਂ ਨਾਲ ਭਰਪੂਰ
ਜਿਸਮਾਨੀ ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਤੋਂ ਕੋਹਾਂ ਦੂਰ..!!
ਮੈਂ ਕਿਵੇਂ ਕਹਿ ਦਵਾ ਮੇਰੀ ਹਰ ਅਰਦਾਸ ਖਾਲੀ ਗਈ ਏ ਮੈਂ ਜਦੋ ਵੀ ਰੋਈ ਹਾਂ 🙇 ਮੇਰੇ ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਨੂੰ ਇਸਦੀ ਖਬਰ ਹੋਈ ਹੈ🙇
Me kive keh dwa meri haar ardas khali gyi hai jad ve hoyi hai 🙇 mere Waheguru nu isdi khabar hoyi hai 🙇
आजकल तुम्हारे बिना मुझे
कुछ भी अच्छा नहीं लगता है
जिधर भी देखु एकलौता मुझे
तुम्हारा ही चेहरा नजर आता है।
तू न दुनिया सी बन गयी हो मेरी ,
बस गुजारिस है तुमसे
की तुम दुनिया की तरह न हो जाना।
ठहरी हुयी सी मेरी
एक शाम हो गए हो तुम
बस गुजारिस है तुमसे
की तुम कहि ढल मत जाना
क्योकि तुमसे आगे मैंने
देखना अब छोड़ दिया है
तुम तक ही है मेरा अब जो भी है
बिन तुम्हारे भी चलना
मैंने अब छोड़ दिया है
तरुण चौधरी