Kami nai c kise cheez di mainu par
ikalla baith baith royeaa han rataan nu bahut
sirf tere lai
ਕਮੀਂ ਨਈਂ ਸੀ ਕਿਸੇ ਚੀਜ਼ ਦੀ ਮੈਨੂੰ ਪਰ
ਇਕੱਲਾ ਬੈਠ ਬੈਠ ਰੋਇਆਂ ਹਾਂ ਰਾਤਾਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ
ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ
Kami nai c kise cheez di mainu par
ikalla baith baith royeaa han rataan nu bahut
sirf tere lai
ਕਮੀਂ ਨਈਂ ਸੀ ਕਿਸੇ ਚੀਜ਼ ਦੀ ਮੈਨੂੰ ਪਰ
ਇਕੱਲਾ ਬੈਠ ਬੈਠ ਰੋਇਆਂ ਹਾਂ ਰਾਤਾਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ
ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ
khushiyaan to kab kee rooth gayee hain kaash kee,
is zindagee ko bhee kisee kee nazar lag jaaye..
खुशियाँ तो कब की रूठ गयी हैं काश की,
इस ज़िन्दगी को भी किसी की नज़र लग जाये..
राजनीति की दुनिया में खेल बहुत है,
कोई जीता है, कोई हारा है।
सत्ता की भूख और वाद-विवाद,
मन में जलती चिंगारी है।
राजनेताओं की रंगीन छलावा,
जनता को वहमों में बँधाता है।
कुछ वादे खाली और कुछ झूले धूले,
आम आदमी को खोखला बनाता है।
वाद-विवाद के आगे सच्चाई छिपती,
लोकतंत्र की मूल्यों पर भारी है।
शोर और तामझाम में खो गई है,
सम्मान, सद्भाव और आदर्शि है।
नीतिबद्धता और समर्पण की कमी,
राजनीति को कर रही है मिट्टी।
सच्ची सेवा की बजाए प्रतिष्ठा,
हौसले को तोड़ रही है मिट्टी।
चाहे जितना बदले युगों का सफ़र,
राजनीति का रंग हर बार वही।
प्रशासनिक शक्ति की लालसा में,
जनता भूल जाती है खुद को वही।