रूक 🙏जाती है सारी 🤔शिकायतें इन होंठो👄 तक आकर😬
जब मासूमियत 😃से वो कहते है अब 🤔मैंने क्या किया😥😥
रूक 🙏जाती है सारी 🤔शिकायतें इन होंठो👄 तक आकर😬
जब मासूमियत 😃से वो कहते है अब 🤔मैंने क्या किया😥😥
कोई खुशियों की चाह में रोया,
कोई दुखों की पनाह में रोया,
अजीब सिलसिला हैं ये “ज़िंदगी” का..
कोई भरोसे के लिए रोया,
कोई भरोसा कर के रोया!! ??
Koi khusiyo ki chah main roya,
Koi dukhon ki panah main roya,
Ajeeb silsila hai ye zindagi ka,
Koi bharose ke liye roya,
Toh koi bharosa karke roya. ??
Vo pasand hi kya sahab,
Jisko pasand aane ke liye
Khud ko badalna pade!!💯
वो पसंद ही क्या साहब,
जिसको पसंद आने के लिये
खुद को बदलना पड़े !!💯