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PicsArt_12-12-05.03.29

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Title: PicsArt_12-12-05.03.29

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


{ ਇੱਸ਼ਕ }

{ ਇੱਸ਼ਕ }
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ਇੱਸ ਇੱਸ਼ਕ ਦੇ ਰੰਗ ਵੀ ਅਵੱਲੇ ਨੇ I
ਇਹ ਛੱਡਦਾ ਕੁਝ ਵੀ ਨਾ ਪੱਲੇ ਨੇ II

ਕਈਆਂ ਨੂੰ ਇਥੇ ਡੋਬ ਦਿਤਾ I
ਕਈ ਹੋ ਗਏ ਇਥੇ ਝੱਲੇ ਨੇ II

ਕਈਆਂ ਪੈਰਾਂ ਵਿਚ ਇਹਨੇ ਪਾ ਦਿਤੇ ਘੁੰਗਰੂ I
ਕਈਆਂ ਦੇ ਪਾ ਦਿਤੀਆਂ ਮੁੰਦਰਾਂ II

“ਤੇ” ਕਈਆਂ ਦੇ ਤਾਂ I
ਇਹਨੇ ਲੇਖ ਹੀ ਹੋਏ ਮੱਲੇ ਨੇ II

ਛੱਡ “ਜਲੰਧਰੀ” I
ਤੂੰ ਖਹਿੜਾ ਇੱਸ ਇਸ਼ਕੇ ਦਾ II

ਇੱਸ ਇਸ਼ਕੇ ਨੇ ਤਾਂ I
ਪਹਿਲਾ ਹੀ ਕਈ ਘਰ ਪੱਟੇ ਨੇ II

ਪਹਿਲਾ ਹੀ ਕਈ ਘਰ ਪੱਟੇ ਨੇ…..
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From;-“Raj Jalandhari”



Akbar badshah ko mazaak || hindi akbar birbal kahani

अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-

“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”

सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।

बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,

“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”

उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”

सेठों के मुखिया ने कहा-

“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”

बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।

Title: Akbar badshah ko mazaak || hindi akbar birbal kahani