Enjoy Every Movement of life!
वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।
जा रहा हूं जिंदगी से अब न लौट के आऊंगा
न कोई चिराग अब जलाऊंगा,न कोई अंधेरा मिटाऊंगा
जो रह गई याद तो उसे नदियों में बहाऊंगा
जो मिल गए राहों में तो रस्ता बदल जाऊंगा
बांधा था जिस रिश्ते से वो रिश्ता तोड़ जाऊंगा
नीर भरे नयनों में एक तड़प छोड़ जाऊंगा
कीचड़ ही सही एक दिन कमल बन खिल जाऊंगा
जा रहा हूं जिंदगी से अब न लौट के आऊंगा
