Enjoy Every Movement of life!
कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..
Sath mein tu ho aur teri baat ho
mein sunu teri
aur teri har baat mein Meri baat ho❤❤
साथ में तू हो और तेरी बात हो
में सुनु तेरी
और तेरी हर बात में मेरी बात हो❤❤
