ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन
वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना
Jhatt akhan nam kar laindi e
Dss kehreyan dukha di maari e..!!
Chall bada ro leya zinde ne
Hun khush rehan di vaari e..!!
ਝੱਟ ਅੱਖਾਂ ਨਮ ਕਰ ਲੈਂਦੀ ਏ
ਦੱਸ ਕਿਹੜਿਆਂ ਦੁੱਖਾਂ ਦੀ ਮਾਰੀ ਏ..!!
ਚੱਲ ਬੜਾ ਰੋ ਲਿਆ ਜਿੰਦੇ ਨੀ
ਹੁਣ ਖੁਸ਼ ਰਹਿਣ ਦੀ ਵਾਰੀ ਏ..!!