Tera gussa teri nafrat sab jayej e
Kyunki sach eh ke mein tere kabil nahi..!!
ਤੇਰਾ ਗੁੱਸਾ ਤੇਰੀ ਨਫ਼ਰਤ ਸਭ ਜਾਇਜ਼ ਏ
ਕਿਉਂਕਿ ਸੱਚ ਇਹ ਕਿ ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਕਾਬਿਲ ਨਹੀਂ..!!
Tera gussa teri nafrat sab jayej e
Kyunki sach eh ke mein tere kabil nahi..!!
ਤੇਰਾ ਗੁੱਸਾ ਤੇਰੀ ਨਫ਼ਰਤ ਸਭ ਜਾਇਜ਼ ਏ
ਕਿਉਂਕਿ ਸੱਚ ਇਹ ਕਿ ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਕਾਬਿਲ ਨਹੀਂ..!!
करवट बदलकर सोने की कोशिश की, नींद फिर भी ना आई..
रात कमरे में बस हम दोनो थे, मैं और मेरी तनहाई..
उसे पसंद नहीं मुझसे दूर जाना, और मैने कभी वो पास ना बुलाई..
आखिर में बैठकर बातें की उससे, और जान पहचान बढ़ाई..
उसने कहा साथ उसे अच्छा लगता है मेरा, पर मुझे वो रास न आई..
समझाया उसे दूर होजा मुझसे, इतनी सी बात भी उसे समझ ना आई..
आखिर में अपनाना पड़ा उसे, वो तो मुझे छोड़ ना पाई..
जब अपनाकर उसे, आंखें बंद की मैने, तब जाकर कहीं मुझे नींद आई….