Tera gussa teri nafrat sab jayej e
Kyunki sach eh ke mein tere kabil nahi..!!
ਤੇਰਾ ਗੁੱਸਾ ਤੇਰੀ ਨਫ਼ਰਤ ਸਭ ਜਾਇਜ਼ ਏ
ਕਿਉਂਕਿ ਸੱਚ ਇਹ ਕਿ ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਕਾਬਿਲ ਨਹੀਂ..!!
Tera gussa teri nafrat sab jayej e
Kyunki sach eh ke mein tere kabil nahi..!!
ਤੇਰਾ ਗੁੱਸਾ ਤੇਰੀ ਨਫ਼ਰਤ ਸਭ ਜਾਇਜ਼ ਏ
ਕਿਉਂਕਿ ਸੱਚ ਇਹ ਕਿ ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਕਾਬਿਲ ਨਹੀਂ..!!
तू क्यूं उसे इस क़दर तांक रहा है,
हां वही फकीर, जो वहां नाच रहा है…
मुस्कुरा रहा है तू उसकी फटी कमीज़ देखकर,
देख, वो भी हंस रहा है तेरी तमीज़ देखकर…
सोच मत, के उसकी किस्मत तुझसे हारी है,
उसकी खाली जेब तेरे पैसों से ज्यादा भारी है…
वो तो हर घर दुआएं बांटता है,
जैसे हर दर खुदाए बांटता है…
मखमल का बिछौना तुझे रास नहीं आता,
देख, वो घास में सोने से बाज़ नहीं आता…
छुपाता है तू असलियत झूठी मुस्कान के पीछे,
कितना सुकून है उसकी हर मुस्कान के पीछे…
Pyar taan tenu bhut c sajjna
Thoda vishvaas vi kr lainda..!!
ਪਿਆਰ ਤਾਂ ਤੈਨੂੰ ਬਹੁਤ ਸੀ ਸੱਜਣਾ
ਥੋੜਾ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਵੀ ਕਰ ਲੈਂਦਾ..!!