बरसातों में शब भर भीगे भोर के मंज़र प्यासे हैं!
हमने जो भी गढ़े प्यार के सारे पैकर प्यासे हैं!
एक नशा सा घोल रहे हैं सबके मन मे ये लेकिन!
पढो़ गौर से इन नज्मों के सारे अक्षर प्यासे हैं!!
हर्ष✍️
बरसातों में शब भर भीगे भोर के मंज़र प्यासे हैं!
हमने जो भी गढ़े प्यार के सारे पैकर प्यासे हैं!
एक नशा सा घोल रहे हैं सबके मन मे ये लेकिन!
पढो़ गौर से इन नज्मों के सारे अक्षर प्यासे हैं!!
हर्ष✍️

Aadatein acchi ho to badal na q
Zamane bhar se chupna q
Khubsurat ye zindegi ,bass ek baar hi milti hai
Phir kisike daar se isse gawana q
आदतें अच्छी हो तो बदलना क्यूं
ज़माने भर से छुपाना क्यूं
खूबसूरत ये ज़िंदगी , बस एक बार ही मिलती है
फिर किसी के डर से , इसे गवाना क्यूं