बरसातों में शब भर भीगे भोर के मंज़र प्यासे हैं!
हमने जो भी गढ़े प्यार के सारे पैकर प्यासे हैं!
एक नशा सा घोल रहे हैं सबके मन मे ये लेकिन!
पढो़ गौर से इन नज्मों के सारे अक्षर प्यासे हैं!!
हर्ष✍️
Enjoy Every Movement of life!
बरसातों में शब भर भीगे भोर के मंज़र प्यासे हैं!
हमने जो भी गढ़े प्यार के सारे पैकर प्यासे हैं!
एक नशा सा घोल रहे हैं सबके मन मे ये लेकिन!
पढो़ गौर से इन नज्मों के सारे अक्षर प्यासे हैं!!
हर्ष✍️
Kyu sab sahi hai fir bhi sahi nahi ..
raat bhi h sath bhi h phir bhi vo baat nhi …
Kami bhi hai par kami kuch bhi nahi😶
क्यों सभ सही है फिर भी सही नहीं
रात भी है साथ भी है फिर भी वो बात नहीं
कमी भी है पर कमी कुछ भी नहीं😶
