Lakh thokren kha kar aaj kamyaab hai
kab kon khan badal gya sabka hisaab hai ✨
लाख ठोकरें खाकर आज कामयाब हैं
कब कौन कहां बदल गया सबका हिसाब है ✨
Lakh thokren kha kar aaj kamyaab hai
kab kon khan badal gya sabka hisaab hai ✨
लाख ठोकरें खाकर आज कामयाब हैं
कब कौन कहां बदल गया सबका हिसाब है ✨
Bhulne ni kade pal jo tere naa bataye
na chahunde hoye v sajjna supne tere hi aaye
na reha vas saaha te jis din de ne tere naal nain mlaye
ਭੁੱਲਣੇ ਨੀ ਕਦੇ ਪਲ ਜੋ ਤੇਰੇ ਨਾਂ ਬਤਾਏ
ਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋਏ ਵੀ ਸੱਜਣਾਂ ਸੁਪਨੇ ਤੇਰੇ ਹੀ ਆਏ
ਨਾ ਰਿਹਾ ਵੱਸ ਸਾਹਾ ਤੇ ਜਿਸ ਦਿਨ ਦੇ ਨੇ ਤੇਰੇ ਨਾ ਨੈਣ ਮਲਾਏ
हवा बहती हुई यूं मदधम सी, गा रही है एक तराना..
मेरे यार का लाई है संदेश, जिसपे नहीं है पता ठिकाना..
उस खत में लिखे हैं शब्द दो ही, अब कैसे जाए पहचाना..
आए तुम्हे जब याद मेरी, तुम प्यार से मुझे बुलाना..
मैं आउंगी ये वादा है, चाहे रोके सारा जमाना..
क्या भूल गई वादा वो अपना, इस गम में है दिल दीवाना..
क्या मै करूँ, चाहता है दिल, करीब उसके अब चले जाना..
मैं रोक नहीं सकता अब उसको, मुश्किल है सब्र कराना..
मैने हवा से की फरियाद के वापस मुझे अपने साथ ले जाना..
मैं आऊं कहां, मेरे यार का पता पुछ के मुझे बताना..
उसकी झलक को हूं मैं तरस गया, बस एक बार दिखला ना..
टालने में वो माहिर है, पर तू करना ना कोई बहाना..
क्यूं नहीं मिलता वो मुझसे, उसे मिलके है पता लगाना..
मुझे जानना है, वो है कहां, उसे क्यूं नहीं है यहां आना..
उसे कहदे मैं न भूलूंगा, चाहे भूले सारा जमाना..
गर वो नहीं आ सकती तो उसे पड़ेगा मुझे बुलाना..
हवा भी हो गई परेशान, वो चाहे मुझे समझाना..
जहां यार मेरा, मैं जा नहीं सकता, है दूर देश अंजाना….