Lakh thokren kha kar aaj kamyaab hai
kab kon khan badal gya sabka hisaab hai ✨
लाख ठोकरें खाकर आज कामयाब हैं
कब कौन कहां बदल गया सबका हिसाब है ✨
Lakh thokren kha kar aaj kamyaab hai
kab kon khan badal gya sabka hisaab hai ✨
लाख ठोकरें खाकर आज कामयाब हैं
कब कौन कहां बदल गया सबका हिसाब है ✨
Husan-e-benajeer ke talabgaar hue baithe hain,
Unki ek jhalak ko bekrar hue baithe hain,
Unke nazuk hathon se sza pane ko,
Kitni sadiyon se gunahgaar hue baithe hain..
हुस्न-ए-बेनजीर के तलबगार हुए बैठे हैं,
उनकी एक झलक को बेकरार हुए बैठे हैं,
उनके नाजुक हाथों से सजा पाने को,
कितनी सदियों से गुनाहगार हुए बैठे हैं।
सफाई वहां देना चाहिए
जहां उसे सुनने और समझने वाला एक खुला दिमाग हो ,
अगर किसी ने आपको गलत मान लिया है तो
उस पर सफाई देने का मतलब खुद को खुद की नजरों में गिरना है