Sachi kasam ton khaa lete e dagebaaz
maarne ke liye toh bewafai kaafi thi
ਸੱਚੀ ਕਸਮ ਤੋ ਖ਼ਾ ਲੇਤੇ ਏ ਦਗੇਬਾਜ਼
ਮਾਰਨੇ ਕੇ ਲਿਏ ਤੋ ਬੇਵਫਾਈ ਕਾਫੀ ਥੀ
Sachi kasam ton khaa lete e dagebaaz
maarne ke liye toh bewafai kaafi thi
ਸੱਚੀ ਕਸਮ ਤੋ ਖ਼ਾ ਲੇਤੇ ਏ ਦਗੇਬਾਜ਼
ਮਾਰਨੇ ਕੇ ਲਿਏ ਤੋ ਬੇਵਫਾਈ ਕਾਫੀ ਥੀ
हिम्मत भी है ताकत भी ओर हौसला भी
उनकी खुशी के लिए सब कुछ कर जाऊंगा
देखेगी दुनिया भी इस अंजान चेहरे को
जब बाहों में समेटकर में चांद लेकर आऊंगा
मेरी मां के चेहरे पर मुस्कुराहट होगी
और हाथो मेरे लिए में नूर होगा
हवाओं में भी खुशबू होगी और
पापा की नज़रों में गुरूर होगा
सुरूर होगा जब दुनिया अपनी सी लगेगी
जब दुनिया को मेरा भी शउर होगा
अपनी नज़रों में तालाब की आवाम भर लाऊंगा
हर शाम में लौट कर जब घर आऊंगा
हाथों में रोटी पकड़कर कहेगी, बेटा खा ले
मैं मुस्कुराकर दो निवाले उसे भी खिलाऊंगा
खैर, निकल पड़ा हूं अभी मंज़िल ढूंढने खुद ही
इंतेज़ार उस वक्त का है जब मै चांद समेट लाऊंगा...
Tu reh befikraa
asi teri fikar vich jeonde rahaange
tu maadha taa kade v nahi si
maadhe taa asi aa te aish gal nu yaad karke
asi holi holi marde rahange
ਤੂੰ ਰੇਹ ਬੇਫਿਕਰਾ
ਅਸੀਂ ਤੇਰੀ ਫ਼ਿਕਰ ਵਿੱਚ ਜਿਉਂਦੇ ਰਹਾਂਗੇ
ਤੂੰ ਮਾੜਾ ਤਾਂ ਕਦੇ ਵੀ ਨਹੀਂ ਸੀ
ਮਾੜੇ ਤਾਂ ਅਸੀਂ ਆ ਤੇ ਐਸ਼ ਗਲ਼ ਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰਕੇ
ਅਸੀਂ ਹੋਲ਼ੀ ਹੋਲ਼ੀ ਮਰਦੇ ਰਹਾਂਗੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷