
haye main kis zalim se dil ko
lagaye baitha hun
inhi raaho se aayenge
shyed mere marne ke baad
mai kitna nadaan hun abhi bhi
dil ko samjhai baitha hun

Yuhi waqt bewaqt teri raah takte barso beet gye
Fir bhi meri nazro me tere liye intezaar wahi hain… 🥀
यूँहीं वक़्त बेवक़्त तेरी राह तकते बरसों बीत गए
फ़िर भी मेरी नज़रों मे तेरे लिए इंतज़ार वही हैं।। 🥀
रखना है तो दिल में रखना इस मोहब्बत भरे चेहरे को,
ये वो चेहरा है जो रास्ते पर कभी नजर नहीं आता,
नज़र आते है गुलदस्ते कई जब गलियों में गुजरता हूं,
मै उन गुलदस्तों के लिए रास्ते पर कभी नज़र नहीं आता,
नजरबंद कर लेता हूं रास्ते सारे, दोस्तों के इंतेज़ार में,
यारों के अलावा रास्तों पर मुझे कोई नज़र नहीं आता....