Tainu raatan tarrfaungiyaan
Naina ch varkha leongiyaan
jad meriyaan yaadan aungiyaan
ਤੈਨੂੰ ਰਾਤਾਂ ਤੜਫਾਉਣਗੀਆਂ
ਨੈਣਾਂ ਚ ਵਰਖਾ ਲਿਆਉਣਗੀਆਂ
ਜਦ ਮੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਆਉਣਗੀਆਂ
Tainu raatan tarrfaungiyaan
Naina ch varkha leongiyaan
jad meriyaan yaadan aungiyaan
ਤੈਨੂੰ ਰਾਤਾਂ ਤੜਫਾਉਣਗੀਆਂ
ਨੈਣਾਂ ਚ ਵਰਖਾ ਲਿਆਉਣਗੀਆਂ
ਜਦ ਮੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਆਉਣਗੀਆਂ
ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
मैं अब के साल परिंदों का दिन मनाऊँगा
मिरी क़रीब के जंगल से बात हो गई है
बिछड़ के तुझ से न ख़ुश रह सकूँगा सोचा था
तिरी जुदाई ही वज्ह-ए-नशात हो गई है
बदन में एक तरफ़ दिन तुलूअ’ मैं ने किया
बदन के दूसरे हिस्से में रात हो गई है
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
रहेगा याद मदीने से वापसी का सफ़र
मैं नज़्म लिखने लगा था कि ना’त हो गई है
मैं क्या कहूँ किसी से, मेरे अश्क कहते है मेरी दास्तान !
बाखुदा मेरी हर मंजिल का, इक तू ही तो है रास्ता!