Rulan de dar ton bas andar hi dab lyian
Kuj khwahishan ohne te kujh mein..!!
ਰੁਲਨ ਦੇ ਡਰ ਤੋਂ ਬਸ ਅੰਦਰ ਹੀ ਦੱਬ ਲਈਆਂ
ਕੁਝ ਖਵਾਹਿਸ਼ਾਂ ਉਹਨੇ ਤੇ ਕੁਝ ਮੈਂ..!!
Rulan de dar ton bas andar hi dab lyian
Kuj khwahishan ohne te kujh mein..!!
ਰੁਲਨ ਦੇ ਡਰ ਤੋਂ ਬਸ ਅੰਦਰ ਹੀ ਦੱਬ ਲਈਆਂ
ਕੁਝ ਖਵਾਹਿਸ਼ਾਂ ਉਹਨੇ ਤੇ ਕੁਝ ਮੈਂ..!!
जाने कहाँ बैठकर देखती होगी, वो आज जहां भी रहती है..
नाराज़ है वो किसी बात को लेकर, सपनों में आकर कहती है..
मैं याद नहीं करता अब उसको, चुप-चाप देखकर सहती है..
वो चली गई भले दुनिया से, मेरे ज़हन में अब भी रहती है..
उसे चाहता हूँ पहले की तरह, ये तो वो आज भी कहती है..
किसी और संग मुझे देख-ले गर जो, वो आज भी लड़ती रहती है..
ना वो भूली ना मैं भुला, भले भूल गई दुनिया कहती है..
रहती थी पहले भी पास मेरे, मेरे साथ आज भी रहती है..
गिरा तो फ़िर कभी,उठा ना मिला
बंदों का हुज़ूम था,खुदा ना मिला
ज़िस्म ना मिले,तो क्या हुआ यार
वो दिल से कभी, जुदा ना मिला
परिंदों के जैसा था, इश्क़ उसका
कोई वादा, कोई वास्ता ना मिला
ऐसे हुआ दिल पर,कब्ज़ा उसका
धड़कनों को भी, रास्ता ना मिला
उसके शाहपरस्त भी हैं,बादशाह
कोई भी पत्थर,तरास्ता ना मिला🍂