Rulan de dar ton bas andar hi dab lyian
Kuj khwahishan ohne te kujh mein..!!
ਰੁਲਨ ਦੇ ਡਰ ਤੋਂ ਬਸ ਅੰਦਰ ਹੀ ਦੱਬ ਲਈਆਂ
ਕੁਝ ਖਵਾਹਿਸ਼ਾਂ ਉਹਨੇ ਤੇ ਕੁਝ ਮੈਂ..!!
Rulan de dar ton bas andar hi dab lyian
Kuj khwahishan ohne te kujh mein..!!
ਰੁਲਨ ਦੇ ਡਰ ਤੋਂ ਬਸ ਅੰਦਰ ਹੀ ਦੱਬ ਲਈਆਂ
ਕੁਝ ਖਵਾਹਿਸ਼ਾਂ ਉਹਨੇ ਤੇ ਕੁਝ ਮੈਂ..!!
Apni zindagi de mehal de m rani c,
Tu kitha aa dera la laya ,
Zindagi meri ch tu enj aya ,
Jive koi parinda mera mehal ch aake ghr bnaa gya,
शाम बीती और रात हुई, गमों की फिर बरसात हुई..
तुझे भुलने को फिर से जाम पिया, गलती फिर मेरे हाथ हुई..
फिर से बहक गए लफ्ज मेरे, लफ्जों पे फिर से दात हुई..
दिलजले थे वहां कई मुझ जैसे, उनकी भी इश्क में मात हुई..
वही एक तरह का हर किस्सा, इश्क की भी भला कोई जात हुई..
हर कहानी ख़ुशी से शुरू हुई, ख़तम आंसुओं के साथ हुई..
महफिल को छोड़ चले घर की ओर, तन्हाई से फिर मुलाकात हुई..
तेरी याद बढ़ गई हर जाम के साथ, भला ये भी कोई बात हुई..