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Sad Hindi shayari || heart broken status

jaise jaise din guzrenge bhul use hm jayenge
Lekin uske baad kisi se pyar nhi kar payenge
Lafzon se dil k andar ki aah byan kab hoti hai
Apne man ki peeda kaise hontho pe hum Layenge..!!

जैसे जैसे दिन गुजरेंगे भूल उसे हम जाऐंगे
लेकिन उसके बाद किसी से प्यार नही कर पाएंगे! 
लफ्ज़ों से दिल के अंदर की आह ब्यां कब होती है! 
अपने मन की पीडा़ कैसे होठों तक हम लाएंगे!! 

         

Title: Sad Hindi shayari || heart broken status

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Asi vi tadpe haan || sad Punjabi shayari || dard shayari

Kive bhull jayiye tadpan hundi e ki💔
Aakhir asi vi tadpe haan😥 pal pal ikk shakhsh di khatir..!!

ਕਿਵੇਂ ਭੁੱਲ ਜਾਈਏ ਤੜਪਨ ਹੁੰਦੀ ਐ ਕੀ💔
ਆਖ਼ਿਰ ਅਸੀਂ ਵੀ ਤੜਪੇ ਹਾਂ 😥ਪਲ ਪਲ ਇੱਕ ਸਖਸ਼ ਦੀ ਖ਼ਾਤਿਰ..!!

Title: Asi vi tadpe haan || sad Punjabi shayari || dard shayari


माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry

पहली धड़कन भी मेरी धडकी थी तेरे भीतर ही,
जमी को तेरी छोड़ कर बता फिर मैं जाऊं कहां.

आंखें खुली जब पहली दफा तेरा चेहरा ही दिखा,
जिंदगी का हर लम्हा जीना तुझसे ही सीखा.

खामोशी मेरी जुबान को  सुर भी तूने ही दिया,
स्वेत पड़ी मेरी अभिलाषाओं को रंगों से तुमने  भर दिया.

अपना निवाला छोड़कर मेरी खातिर तुमने भंडार भरे,
मैं भले नाकामयाब रही फिर भी मेरे होने का तुमने अहंकार भरा.

वह रात  छिपकर जब तू अकेले में रोया करती थी,
दर्द होता था मुझे भी, सिसकियां मैंने भी सुनी थी.

ना समझ थी मैं इतनी खुद का भी मुझे इतना ध्यान नहीं था,
तू ही बस वो एक थी, जिसको मेरी भूख प्यार का पता था.

पहले जब मैं बेतहाशा धूल मैं खेला करती थी,
तेरी चूड़ियों तेरे पायल की आवाज से डर लगता था.

लगता था तू आएगी बहुत  डाटेंगी और कान पकड़कर मुझे ले जाएगी,
माँ आज भी मुझे किसी दिन धूल धूल सा लगता है.

चूड़ियों के बीच तेरी गुस्से भरी आवाज सुनने का मन करता है,
मन करता है तू आ जाए बहुत डांटे और कान पकड़कर मुझे ले जाए.

जाना चाहती हूं  उस बचपन में फिर से जहां तेरी गोद में सोया करती थी,
जब काम में हो कोई मेरे मन का तुम बात-बात पर रोया करती थी.

जब तेरे बिना लोरियों  कहानियों यह पलके सोया नहीं करती थी,
माथे पर बिना तेरे स्पर्श के ये आंखें जगा नहीं करती थी.

अब और नहीं घिसने देना चाहती तेरे ही मुलायम हाथों को,
चाहती हूं पूरा करना तेरे सपनों में देखी हर बातों को.

खुश होगी माँ एक दिन तू भी,
जब लोग मुझे तेरी बेटी कहेंगे.

Title: माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry