
ढूंढ रहा हूँ खोया था जो सुकून मेरा यहीं,
उनकी यादें दिन के वक्त तो सताती ही हैं,
पर रात में भी नींद इन आखों के नसीब में नहीं।

जीवन में कोई काम अच्छा करें,
वनों और वन्यजीवों की रक्षा करें.
वनों और वन्यजीवों को बचायें,
आपको और आपके परिवार को
विश्व वन्यजीव दिवस की शुभकामनायें.
सुना है लोग तुझे आँखें भरकर देखते हैं , है मन में क्या उनके ये तो सवाल कर ।
माना लोगों की फितरत अब अच्छी नहीं , अपनी इज्जत का तू तो ज़रा ख्याल कर ।।
बादस्तूर चलती रही नाराजगी जिंदगी में , वक्त बेवक्त काफिर सा न मेरा हाल कर ।
मेरी आदतों में शूमार है तेरी मोहब्बत का सबब , खुदा का शुक्र मना बेवजह न मलाल कर ।।
बागी मिजाज़ रहा दिल का चाहतों के गुबार में , जिससे कभी मोहब्बत थी उससे अब नफरत भी बेमिसाल कर ।
क्या हुआ जो दुआ भी कुबूल न हुई , हासिल कर अपने दर्द को कुछ तो अब बवाल कर ।।