Shayad mein hi galat hoon, jo log mujhe sahi karne mein lge hein,
Jo kam meri zindagi tabaah kar de, wahi karne mein lge hein.
शायद मैं ही ग़लत हूं जो लोग मुझे सही करने में लगे हैं,
जो काम मेरी ज़िन्दगी तबाह कर दे, वही करने में लगे हैं।
Shayad mein hi galat hoon, jo log mujhe sahi karne mein lge hein,
Jo kam meri zindagi tabaah kar de, wahi karne mein lge hein.
शायद मैं ही ग़लत हूं जो लोग मुझे सही करने में लगे हैं,
जो काम मेरी ज़िन्दगी तबाह कर दे, वही करने में लगे हैं।
खुशबू नहीं है मुझमें,
पर गुलशन महकाएं बहुत है...
मुझे आज़माया नहीं किसी ने,
मैनें अपनें आज़माएं बहुत हैं...
मैं रौनक पसंद हूं पर रौनक नहीं है मुझमें,
बुला रहे हो महफिल में वो झलक नहीं मुझमें...
इंतजाम मेरी खातिर बस इतना कर लेना
कड़वा हूं मैं,
कुछ कहूं तो मेरे होंठो पर ज़हर रख देना....