Shayad mein hi galat hoon, jo log mujhe sahi karne mein lge hein,
Jo kam meri zindagi tabaah kar de, wahi karne mein lge hein.
शायद मैं ही ग़लत हूं जो लोग मुझे सही करने में लगे हैं,
जो काम मेरी ज़िन्दगी तबाह कर दे, वही करने में लगे हैं।
Shayad mein hi galat hoon, jo log mujhe sahi karne mein lge hein,
Jo kam meri zindagi tabaah kar de, wahi karne mein lge hein.
शायद मैं ही ग़लत हूं जो लोग मुझे सही करने में लगे हैं,
जो काम मेरी ज़िन्दगी तबाह कर दे, वही करने में लगे हैं।
Naaz hunda e jihna te
Kade Kade oh vi Dil dukha jande ne..!!
ਨਾਜ਼ ਹੁੰਦਾ ਏ ਜਿਹਨਾਂ ਤੇ
ਕਦੇ ਕਦੇ ਉਹ ਵੀ ਦਿਲ ਦੁਖਾ ਜਾਂਦੇ ਨੇ..!!
उठे थे हाथ जिनके,
उन्ही दुआओं का असर हूं,
चिराग़ सी हैं नज़रें मेरी
जैसे सुबह की पहली पहर हूं
धूल से ही तो नाता है मेरा
वहीं ठंडी हवाओं में बसर हूं
कलम से शायर कह दो
होंठों से कहर हूं,
ठहरा है दरिया जो किनारे में
वहीं बहता छोटा सा शहर हूं,
मानों तो प्यास मिले
ना मानों तो ज़हर हूं...