Shayad mein hi galat hoon, jo log mujhe sahi karne mein lge hein,
Jo kam meri zindagi tabaah kar de, wahi karne mein lge hein.
शायद मैं ही ग़लत हूं जो लोग मुझे सही करने में लगे हैं,
जो काम मेरी ज़िन्दगी तबाह कर दे, वही करने में लगे हैं।
Shayad mein hi galat hoon, jo log mujhe sahi karne mein lge hein,
Jo kam meri zindagi tabaah kar de, wahi karne mein lge hein.
शायद मैं ही ग़लत हूं जो लोग मुझे सही करने में लगे हैं,
जो काम मेरी ज़िन्दगी तबाह कर दे, वही करने में लगे हैं।
अगर किसी इंसान को अच्छे से समझना चाहते हो तो उसे बोलने दो क्योंकि हर इंसान की सच्चाई उसकी जुबान के पीछे छिपी हुई है।
मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है… मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं
बात करने का मजा उन लोगो के साथ आता है, जिनके साथ कुछ बोलने से पहले कुछ सोचना ना पड़े।
जिस तरह लौहे का जंग लोहे को नष्ट कर देता हैं, उसी तरह इंसान की गलत सोच, इंसान को अपंग बना देती हैं।
अगर है प्यार मुझसे तो बताना भी ज़रूरी है
दिया है हुस्न मौला ने दिखाना भी ज़रूरी है
इशारा तो करो कभी मुझको अपनी निगाहों से
अगर है इश्क़ मुझसे तो जताना भी ज़रूरी है
अगर कर ले सभी ये काम झगड़ा हो नहीं सकता
ख़ता कोई नजर आए छुपाना भी ज़रूरी है
अगर टूटे कभी रिश्ता तुम्हारी हरकतों से जब
पड़े क़दमों में जाकर फिर मनाना भी ज़रूरी है
कभी मज़लूम आ जाए तुम्हारे सामने तो फिर
उसे अब पेट भर कर के खिलाना भी ज़रूरी है
अगर रोता नजर आए कभी मस्जिद या मंदिर में
बड़े ही प्यार से उसको हँसाना भी ज़रूरी है
~ मुहम्मद आसिफ अली