
Jo sikdeyan nu asi shawan dittiyan.!!
Fer khud ton hi asi bewafa ho gaye
Te khud nu hi asi ne szawan dittiyan..!!

Gummiyaan soortaan nu kaun modh ghalle
chit mera kone vich baitha vichaarda e
ehne hun zindri ton ki laina
eh taan maut nu pukaarda e
ਗੁੰਮੀਆਂ ਸੂਰਤਾਂ ਨੂੰ ਕੌਣ ਮੋੜ ਘੱਲੇ
ਚਿਤ ਮੇਰਾ ਕੋਨੇ ਵਿੱਚ ਬੈਠਾ ਵਿਚਾਰਦਾ ਏ
ਇਹਨੇ ਹੁਣ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਤੋਂ ਕੀ ਲੈਣਾ
ਇਹ ਤਾਂ ਮੌਤ ਨੂੰ ਪੁਕਾਰਦਾ ਏ
कुछ हलचल सी है सीने में
सुकून कुछ खोया – सा है
जाने कैसी है ये अनुभूति
दिल कुछ रोया – सा है
कुछ आहट सी आयी है
और दिल कुछ धड़का – सा है।
हाथ – पाँव में हो रही कंपन-सी
बेचैनी ये जानी पहचानी – सी है
सांसे भी है कुछ थमी – सी
कितने वक्त गुज़र गये इन्तजार में
मेरी आहें भी हैं कुछ जमी – सी।
पलकें अब मूँदने लगी हैं
साँसें अब क्षीण पड़ रही हैं
अब तो आ जाओ इन लम्हों में
जाने कब लौटोगे?
आने का वादा था और ना भी था तो,
तुम्हारा इन्तज़ार तो था..
सारी हदें तोड़ कर आ जाओ
दुनिया की रस्मों को छोड़ कर आ जाओ
चंद लम्हों के लिए ही,
अब तो आ जाओ
मेरे लिए.. सिर्फ मेरे लिए |