تمہارے قبرستان میں کیا دفن ہے
میرے دل میں دیکھو تمہیں یادوں کا مزار دکھاتا ہوں
باہر سے میں سب کو چپ لگتا ہوں
غازی کبھی میرے دل میں دیکھنا تمہیں میں اپنا شور دکھاتا ہوں
تمہارے قبرستان میں کیا دفن ہے
میرے دل میں دیکھو تمہیں یادوں کا مزار دکھاتا ہوں
باہر سے میں سب کو چپ لگتا ہوں
غازی کبھی میرے دل میں دیکھنا تمہیں میں اپنا شور دکھاتا ہوں
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
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जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
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रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
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बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।
shifaarshaa v fizul meri
rab kehdha sunda aa
band kar khaab vekhna mukamal ishq de
gaaba jehdha tu pyaara de bunda e
ਸਿਫ਼ਾਰਿਸ਼ਾਂ ਵੀ ਫਿਜ਼ੂਲ ਮੇਰੀ
ਰੱਬ ਕੇਹੜਾ ਸੁਣਦਾ ਐਂ
ਬੰਦ ਕਰ ਖ਼ੁਆਬ ਵੇਖਣਾ ਮੁਕਮੰਲ ਇਸ਼ਕ ਦੇ
ਗਾਬਾ ਜਿਹੜੇ ਤੂੰ ਪਿਆਰਾ ਦੇ ਬੁਣਦਾ ਐਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷