تمہارے قبرستان میں کیا دفن ہے
میرے دل میں دیکھو تمہیں یادوں کا مزار دکھاتا ہوں
باہر سے میں سب کو چپ لگتا ہوں
غازی کبھی میرے دل میں دیکھنا تمہیں میں اپنا شور دکھاتا ہوں
تمہارے قبرستان میں کیا دفن ہے
میرے دل میں دیکھو تمہیں یادوں کا مزار دکھاتا ہوں
باہر سے میں سب کو چپ لگتا ہوں
غازی کبھی میرے دل میں دیکھنا تمہیں میں اپنا شور دکھاتا ہوں
माना मुझे अब जरूरत नहीं तेरी , पर जिंदगी में एक मलाल तो है ।
कबूलनामा भी दे चुके महफिलों में पर , लोगों की निगाहों में कुछ सवाल तो है ।।
सपनों सा लगता एक ख्वाब तो है , मेरा हर अंदाज़ लाजवाब तो है ।
चाहता नहीं मेरी कलम से कोई बेइज्जत हो जाए , वरना मेरे पास भी कुछ लोगों का हिसाब तो है ।।
हाँ मोहब्बत भूल थी मेरी , आज बेबाकी से एक गुनाह कुबूल करता हूँ ।
कुछ काले किस्से हैं बीते हुए लम्हें , अब हर किस्से को मशहूर करता हूँ ।।
जिद्दी है मेरा दिल बड़ा , इसे आज मैं ज़रा मजबूर करता हूँ ।
बहुत हो चुकी मोहब्बत में नाफरमानी , सिर आँखों पर अपना गुरूर करता हूँ ।।
na koi kisi se door hota hai
na koi kisi ke kareeb hota hai
wo khud he chal ke aata hai
jo jiska nasib hota hai….😇
न कोई किसी से दूर होता है
न कोई किसी के करीब होता है
वो खुद ही चल के आता है
जो जिसका नसीब होता है 😇