
Hnju ajj bhre ne kidda duniya ne takkiya ne..!!
Chad ditte gile eh krne jad fark hi tenu penda naa
Bhull jande asi v tenu je saah vich saah tu lenda naa..!!

नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...
Samajh na sake ke gair si hazoor
shayed taqdeer nu ehi si manzoor
ਸਮਝ ਨਾ ਸਕੇ ਕਿ ਗ਼ੈਰ ਸੀ ਹਜ਼ੂਰ,
ਸ਼ਾਇਦ ਤਕਦੀਰ ਨੂੰ ਇਹੀ ਸੀ ਮਨਜ਼ੂਰ…🤲