
Enna Na khub jana…
Ke tuhada kujh kehna ohnu “gyan dena”
Te tuhada parwah karna ohnu kise “draame” vang laggan lag jawe..!!

ये किसने जेल में लाया खाना हाय अल्लाह,
मुजरिम का भी है कोई दीवाना हाय अल्लाह।
ये मज्मा भी मेरे रोने पे बजाता है ताली,
किसको सुनाएं अपना अफ़साना हाय अल्लाह।
अब क्या कि जुर्म किसने की है क़ुसुर है किसका,
अब तो लगा है मुझपर जुर्माना हाय अल्लाह।
मेरी नज़र क्या उस पे है सबकी नज़र मुझ पे है,
पूरा शहर है उसका दीवाना हाय अल्लाह।
वो मुझसे मिलता है रोज़ाना मगर नतीजा ये,
देखो तो लगता है वो बेगाना हाय अल्लाह।
जब भी किसी ने पूछा है धोखा कब मिला फिर तो,
बचपन का याद आए याराना हाय अल्लाह।
शिकवा नहीं है उससे बस दुख ‘अमीम’ इतना है,
क्यों मेरा लौट आया नज़राना हाय अल्लाह
Chain vi Na aawe
Dil marda hi jawe
Kive vass ch mein kara Ehnu ditti hoyi dhil nu..!!
Gll sunda na meri
Khwahish rakhda e teri
Khaure ho ki gya e es pagl dil nu..!!
ਚੈਨ ਵੀ ਨਾ ਆਵੇ
ਦਿਲ ਮਰਦਾ ਹੀ ਜਾਵੇ
ਕਿਵੇਂ ਵੱਸ ‘ਚ ਮੈਂ ਕਰਾਂ ਇਹਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਹੋਈ ਢਿੱਲ ਨੂੰ..!!
ਗੱਲ ਸੁਣਦਾ ਨਾ ਮੇਰੀ
ਖਵਾਹਿਸ਼ ਰੱਖਦਾ ਏ ਤੇਰੀ
ਖੌਰੇ ਹੋ ਕੀ ਗਿਆ ਏ ਇਸ ਪਾਗਲ ਦਿਲ ਨੂੰ..!!