
Enna Na khub jana…
Ke tuhada kujh kehna ohnu “gyan dena”
Te tuhada parwah karna ohnu kise “draame” vang laggan lag jawe..!!

कभी उसकी यादें ठहर जाती हैं आकर, कभी टकराकर चली जाती हैं..
कभी गमों में डूबाये रखती हैं मुझे, कभी हंसाकर चली जाती हैं..
आज भी वो मेरे आस-पास है, कभी ये अहसास दिलाकर चली जाती है..
कभी एक झलक उसकी पाने को तरसूं, दिल जला कर चली जाती है..
उसका सपनों में आना-जाना यूं है जैसे, झपकी आकर चली जाती है..
मैं सुकून भरी नींद के इंतजार में होता हूं, सबको आकर चली जाती है..
Kade ohna di kadar karke dekho
jo tuhaanu bina matlab ton pyaar karde ne
ਕਦੇ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਕਦਰ ਕਰਕੇ ਦੇਖੋ
ਜੋ ਤਹਾਨੂੰ ਬਿਨਾਂ ਮਤਲਬ ਤੋਂ ਪਿਆਰ ਕਰਦੇ ਨੇਂ