Dil mera ajh v panchhi ban
usdi khushbu vich udhna chahunda
yaadan ohdiyaan da aalna bna
sada lai vich lukna chahunda
ਦਿਲ ਮੇਰਾ ਅੱਜ ਵੀ ਪੰਛੀ ਬਣ
ਉਸਦੀ ਖੁਸ਼ਬੂ ਵਿੱਚ ਉਡਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ
ਯਾਦਾਂ ਉਹਦੀਆਂ ਦਾ ਆਲ੍ਹਣਾ ਬਣਾ
ਸਦਾ ਲਈ ਵਿੱਚ ਲੁਕਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ
Dil mera ajh v panchhi ban
usdi khushbu vich udhna chahunda
yaadan ohdiyaan da aalna bna
sada lai vich lukna chahunda
ਦਿਲ ਮੇਰਾ ਅੱਜ ਵੀ ਪੰਛੀ ਬਣ
ਉਸਦੀ ਖੁਸ਼ਬੂ ਵਿੱਚ ਉਡਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ
ਯਾਦਾਂ ਉਹਦੀਆਂ ਦਾ ਆਲ੍ਹਣਾ ਬਣਾ
ਸਦਾ ਲਈ ਵਿੱਚ ਲੁਕਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ
Lok Aaye – Gaye,
Rog Lagge – Latthe,
Rata Fark Na Peya,
Khavrey Jaan Nikkal Jaave Kalam Chaddi Te…..
ਲੋਕ ਆਏ ਗਏ,
ਰੋਗ ਲੱਗੇ ਲੱਥੇ,
ਰਤਾ ਫਰਕ ਨਾ ਪਿਆ,
ਖਵਰੇ ਜਾਣ ਨਿੱਕਲ ਜਾਵੇ ਕਲਮ ਛੱਡੀ ਤੇ।।
✍:Hr-Patto
गर्मियों से मुग्ध थी धरती
पर बारिश की बून्दें पड़ते ही
तुम बुदबुदाईं —
बारिश कितनी ख़ूबसूरत है !क्या तुम्हारा मन
मिट्टी से भी ज़्यादा ठण्ड को महसूस करता है
तभी तो बारिश में विलीन हो गए
छलकते हुए आनन्द को स्वीकार न कर
तुमने आहिस्ता से कहा —
बारिश कितनी ख़ूबसूरत है !तुम्हारे आँगन में
बून्द-बून्द में
अपने अनगिनत चान्दी के तारों में
सँगीत की सृष्टि कर
बारिश
जिप्सी लड़की की तरह नाचती है
तुम्हारी आँखों में ख़ुशी है, आह्लाद है
और शब्दों में बच्चों-सी पवित्रता
बारिश कितनी ख़ूबसूरत है !अपने इर्द-गिर्द की चीज़ों
से अनजान
तुम यहाँ बैठी हो
नदी तुम्हारी स्मृतियों में ज़िन्दा हैअपनी सहेलियों के सँग
धीरे से घाघरा उठाकर
तुम नदी पार करती हो
अचानक बारिश गिरती है
लहरें चान्दी के नुपूर पहन नाचती हैंबारिश में भीगकर हर्षोन्माद में
हंसते हुए तुम
नदी तट पर पहुँचती होबारिश में भीगे आँवले के फूल
पगडण्डी पर तुम्हारा स्वागत करते हैं
तुम्हारे सामने
केवल बारिश है, पगडण्डी है
और फूलों से भरे खेत हैं !मेरी उपस्थिति को भूलते हुए
तुमने मृदुल आवाज़ में कहा —
बारिश कितनी ख़ूबसूरत है !फिर तुम्हें देखकर
मैंने उससे भी मृदुल आवाज़ में कहा —
तुम भी तो कितनी ख़ूबसूरत हो !