
sanu vekh ke kathe bada okha hona shareeka ni
tu sundi nahi mere dil di te
assi teri akha di suni jande aa
akhir kithey disdiya paani te wajjiyaa leeka ni

Pichhle baras tha khof ki tujhe kho na du,
Abb ke baras yeh dua hai ki tera saamna na ho….
वो बाहों में मुझे लेके,,,
शादी किसी और से रचाना चाहता है,,,
वो हम बिस्तर तो होता है,,,
हमसफर किसी और को बनाना चाहता है,,,
वो वक्त काटता मेरे साथ है,,,
वक्त बिताना किसी और के साथ चाहता है,,,
वो मुस्कुराता मेरे साथ है,,,
वो मुस्कान किसी और का बनना चाहता है,,,
वो हाथ थामे तो मेरा चलता है,,,
वो जिंदगी का सफर किसी और के साथ चलना चाहता है,,,
वो बाहों में मुझे लेके,,,
शादी किसी और से रचाना चाहता है….।।