साहिल पे पहुंचने से इनकार किसे है लेकिन,
तूफ़ानो से लड़ने का मज़ा ही कुछ और है,
कहते है, कि किस्मत खुदा लिखता है लेकिन,
उसे मिटा के खुद गढ़ने का मजा ही कुछ और है।
साहिल पे पहुंचने से इनकार किसे है लेकिन,
तूफ़ानो से लड़ने का मज़ा ही कुछ और है,
कहते है, कि किस्मत खुदा लिखता है लेकिन,
उसे मिटा के खुद गढ़ने का मजा ही कुछ और है।
अगर औरत नहीं होती तो मोहब्बत नहीं होती।
अगर बंगाल नहीं होती तो देश नहीं होती।
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हर इंसान में दिल है।
भारत में भी बंगाल है।
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मर्द सिर्फ इंसान होता है।
औरत माँ होती है।
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इंसान को दुःख देने में मजा आता है।
इंसान के दुःख में सिर्फ कुत्ते रोता है।
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जिंदगी का स्टेशन में ट्रैन रोक गयी।
समय कभी रुकता नहीं, छुट्टी गुज़र गयी।
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समय का नदी, में अकेला नहीं।
पिता नाव हे, माँ माझी, जिंदगी यही।
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जो दर्द छुपा था सहमी सी आँखों में उसकी, वक़्त लगा पर दिख गया..
उसे भी शायद कोई गम था ऐसा, जो बेरहम इस जमाने से झिक गया..
आँखें मूंदी कई बार तो उसने, शायद गम को कहीं वो छुपा सके..
मगर हर आंसू जो उसकी आंखों से बहा, अपने हर दर्द की दास्तां लिख गया..