
Gurhe ohde naal sade nahio khaak rishte..!!
Mohobbtan de dhageyan naal banne hoye Haan
Sajjna naal sade bade paak rishte..!!

डाल हिलाकर आम बुलाता तब कोयल आती है। नहीं चाहिए इसको तबला, नहीं चाहिए हारमोनियम, छिप-छिपकर पत्तों में यह तो गीत नया गाती है! चिक्-चिक् मत करना रे निक्की, भौंक न रोजी रानी, गाता एक, सुना करते हैं सब तो उसकी बानी। आम लगेंगे इसीलिए यह गाती मंगल गाना, आम मिलेंगे सबको, इसको नहीं एक भी खाना। सबके सुख के लिए बेचारी उड़-उड़कर आती है, आम बुलाता है, तब कोयल काम छोड़ आती है।
Mujhe tumse kuchh kehna tha
tere aankhon ke nashe me behna tha
tune tanha chhod diya hai mujhe
mujhe ta umar tere saath rehna tha
मुझे तुमसे कुछ कहना था,
तेरे आँखों के नशे में बहना था,
तुने तन्हा छोड़ दिया है मुझे,
मुझे ता-उम्र तेरे साथ रहना था
✍विक्रम